पन्ना टाइगर रिजर्व में मृत बाघिन के चारों शावक सुरक्षित, प्रबंधन ने ली राहत की सांस

पन्ना टाइगर रिजर्व में मृत बाघिन के चारों शावक सुरक्षित है। जो सोमवार को अठखेलियां करते नजर आए। जिसके बाद प्रबंधन ने राहत की सांस ली है।

पन्ना, भारत सिंह यादव। पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) में 15 मई को एक युवा बाघिन की मौत हो गई थी। जिसके चार शावक हैं। बाघिन की अचानक मौत हो जाने से वन्यजीव प्रेमी व पार्क के अधिकारी बाघिन के अनाथ हो चुके चारों शावकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित थे, जिनकी जंगल में शावकों की सरगर्मी के साथ तलाश की जा रही थी। बीते दो दिनों के बाद सोमवार को चारो नन्हें शावक अठखेलियां करते नजर आए हैं। शावकों के सुरक्षित होने की सुकून भरी इस खबर से सभी ने राहत की सांस ली है।

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बाघिन की मौत के बाद उसके चार शावकों को जिनकी उम्र तकरीबन 8 माह है, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता की जाने लगी। इन नन्हें शावकों की खोज में पार्क के मैदानी अमले को जहां लगाया गया, वहीं प्रशिक्षित हाथियों के दल को भी कोनी बीट के जंगल में शावकों की तलाश के लिए तैनात किया गया। दो दिनों तक हुई अनवरत खोज के बाद सोमवार यह खुशखबरी मिली कि चारों शावक सुरक्षित हैं। क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व उत्तम कुमार शर्मा ने यह खुशखबरी देते हुए बताया कि उप संचालक जरांडे ईश्वर राम हरि सहित मैं स्वयं जंगल में था और शावकों को अठखेलियां करते हुए देखा। उन्होंने बताया कि चारों शावक स्वस्थ और सुरक्षित हैं उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह भूखे नहीं है, कुछ न कुछ खाया है।

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पन्ना टाइगर रिजर्व उत्तम कुमार शर्मा ने संभावना जताई कि हो सकता है कि नर बाघ पी-243 जो शावकों का पिता है, उसने इनकी मदद की हो। यदि ऐसा है तो निश्चित ही यह शुभ संकेत ह। उन्होंने बताया कि चारों शावकों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी और उनकी हर गतिविधि व लोकेशन पर नजर रखी जाएगी। यदि प्राकृतिक रूप से जंगल में शावक अपने को बचाने में सक्षम होते हैं, तो इससे बढ़िया और कुछ नहीं हो सकता। कुछ दिन हम इन पर नजर रखेंगे फिर जिस तरह के हालात बनेंगे उसी के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।