गजब! अब वाहन चोरी पर लगेगी रोक, आगर मालवा के छात्र ने इजाद की अनोखी मशीन

वाहन चोरी (Theft of vehicles) से निजात दिलाने के लिए आगर-मालवा के एक छात्र विनय जयसवाल ने महज तीन हजार रुपए के खर्च से एक अनोखी डिवाइस बनाई है। जिससे कोई भी अनजान व्यक्ति कार या किसी अन्य वाहन को स्टार्ट नहीं कर पाएगा।

आगर मालवा, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में लगातार चोरी जैसी घटनाओं के मामले सामने आते रहते हैं। जिनमें सबसे अधिक गाड़ियों की चोरी (Theft of vehicles) होती है, ऐसे में वाहन चोरी (Theft of vehicles) से निजात दिलाने के लिए आगर-मालवा (Agar-malwa) के एक छात्र ने कमाल कर दिखाया है। जिसने महज तीन हजार रुपए के खर्च से एक अनोखी डिवाइस (Unique device) बनाई है। जिससे कोई भी अनजान व्यक्ति किसी की भी कार को स्टार्ट नहीं कर सकेगा, जिसके लिए यह डिवाइस भरपूर मदद करेगा। क्योंकि छात्र ने इस डिवाइस में फिंगर प्रिंट सेंसर (Finger print sensor) लगाया है, जिसके जरिए ही कार स्टार्ट (Car start) हो पाएगी।

वाहन चोरी पर लगेगी रोक

आगर-मालवा में रहने वाला छात्र विनय जयसवाल (Student Vinay Jaiswal) इलेक्ट्रॉनिक्स फर्स्ट सेमेस्टर (Electronics first semester) का छात्र है। जिसने इस अनोखी डिवाइस को बनाया है। जिसकी मदद से कार चोरी (Car theft) जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा। डिवाइस के संबंध में विनय ने कहा कि आज के समय में सभी एंड्रॉयड फोन चलाते हैं। एंड्रॉयड फोन (Android phone) में लॉक के खोलने के लिए फिंगर सेंसर लगा होता है। जिसे फिंगर प्रिंट (Finger print sensor) के जरिए खोला जाता है। इसी पैटर्न को देखकर विनय को आइडिया आया कि क्यों ना स्मार्टफोन लॉक (Smartphone lock) की तरह ही वाहनों को भी फिंगर प्रिंट से लॉक (Finger print lock) कर दिया जाए, तो वाहनों की चोरी को रोका जा सकेगा।

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स्मार्टफोन को बनाया आधार

स्मार्टफोन को आधार बनाकर विनय ने इस अनोखी डिवाइस को महज 3000 रुपए के खर्च से बनाया है। जिसका प्रयोग सबसे पहले उसने अपने बाइक पर किया, जो सफल रहा। बाइक पर डिवाइस असफल होने के बाद विनय ने इसे अपने पिता अरुण जायसवाल के कार पर प्रयोग किया, जो सफल रहा।

डिवाइस की खासियत

  • कार पर चाबी लगाने के साथ ही डिवाइस पर फिंगर मिलान करना होता है।
  • फिंगर मैच होने के बाद ही कार स्टार्ट हो जाती है।
  • यदि किसी फिंगर मैच नहीं हुआ, तो चाबी लगाने के बावजूद भी कार स्टार्ट नहीं हो पाएगी।
  • डिवाइस काफी सस्ता है, जिसमें महज 3000 रुपए का खर्च आया है।

कम खर्च में तैयार की डिवाइस

विनय ने कहा कि इन दिनों वाहन चोरी की घटनाओं में इजाफा हुआ है। जिसे देखते हुए इन पर लगाम लगाने के लिए उन्होंने खाली समय में बैठकर इंटरनेट की मदद से कई चीजों का उपयोग कर इस डिवाइस को करीब 1 महीने में तैयार किया है। विनय ने कहा कि गाड़ियों के लिए इस तरह के डिवाइस काफी महंगे आते हैं। जिसे सिर्फ महंगी गाड़ियों पर ही लगाया जाता है। विनय ने इस डिवाइस को काफी कम खर्च में तैयार किया है। जिससे आम लोग भी इसका उपयोग आसानी से कर सकेंगे।

डिवाइस को और किया जाएगा मोडिफाइड

विनय ने बताया कि वह इस डिवाइस को और मोडिफाइड करने की सोच रहे हैं। जिसमें जीपीएस लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जीपीएस की मदद से कोई भी व्यक्ति कार को तार से स्पार्क करके चुराने की कोशिश नहीं कर सकेगा। क्योंकि इस बात का पता कार मालिक को हो जाएगा कि किसी ने उनकी कार को स्टार्ट करने की कोशिश की है।

कोरोनाकाल में भी तैयार किया था डिवाइस

विनय ने बताया कि इस डिवाइस को कार के गेट पर भी लगाया जा सकता है। जिसके लिए वह अभी योजना तैयार कर रहा है। इस डिवाइस को कार की गेट पर लगाने से यह फायदा होगा कि कोई भी अनजान व्यक्ति कार को नहीं खोल पाएगा। विनय के पिता अरुण लगातार उसके कार्यों की सराहना करते हुए प्रोत्साहित करते है। बता दें कि विनय ने कोरोनाकाल में भी अपने हुनर से लोगों की मदद की है। जिसमें विनय ने सामान पहुंचाने के लिए ड्रोन, ऑटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन, ऑटोमेटिक डस्टबिन आदि बनाया था। जिससे लोगों को काफी मदद मिली है।

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