भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| राजधानी भोपाल (Bhopal) के इकबाल मैदान में बिना अनुमति हजारो की भीड़ जमा कर धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद (Arif Masood) की मुश्किलें बढ़ गई है| मसूद के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट (Arrest Warrant) जारी किया है। इससे पहले सांसद-विधायकों की स्पेशल कोर्ट ने 9 नवंबर को मसूद की अग्रिम जमानत अर्जी नामंजूर कर दी थी

मंगलवार को विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवेन्द्र कुमार सिंह की अदालत में तलैया पुलिस की ओर से आरोपी आरिफ मसूद के खिलाफ धारा-82-83 (फरारी की उद्घोषणा) के संबंध में आवेदन पेश किया गया था। न्यायाधीश प्रवेन्द्र कुमार सिंह ने मामले की सुनवाई के बाद आरिफ मसूद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दे दिए।

बता दें कि अब तक इस मामले में आरोपी बनाए गए छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मसूद की गिरफ्तारी होना बाकी है। पुलिस आरिफ की तलाश कर रही है। हालही में तीन आरोपियों को पुलिस ने बैरसिया से गिरफ्तार किया था। जिनमें इकराम, नईम और अब्दुल शामिल है। कांग्रेस विधायक मसूद पर आरोप है कि उन्होंने इकबाल मैदान में हजारों की भीड़ इकट्ठा की और धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला भाषण दिया।

यह है मामला
आरिफ मसूद ने भोपाल में फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन किया था जिसमें हजारों लोगों की भीड़ एकत्रित हुई थी। प्रदर्शन के दौरान आरिफ ने फ्रांस का झंडा और वहां के राष्ट्रपति का पुतला जलाया था। इस दौरान दिए भाषण में मसूद ने कहा था कि केंद्र और राज्य की हिंदूवादी सरकार के मंत्री भी फ्रांस के कृत्य का समर्थन कर रहे हैं। वहीं उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की थी कि भारत सरकार फ्रांस दूतावास को कहे कि वो मुस्लिम विरोधी रुख को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएं। जिसके बाद सरकार ने उनके खिलाफ सोशल डिस्टेसिंग के उल्लंघन में मामला दर्ज किया था लेकिन बाद लेकिन बाद में धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं में मसूद समेत 7 लोगों पर एफआईआर की गई थी।

चर्चाओं में रहे है आरिफ मसूद
दबंग छवि के लिए मशहूर मसूद ने ट्रिपल तलाक बिल के खिलाफ पूरे भोपाल में प्रदर्शन आयोजित किए थे। मॉब लिंचिंग के खिलाफ भी अपने समर्थकों के साथ वे सड़कों पर उतरे थे साल 2001 में गदर- एक प्रेम कथा फिल्म की स्क्रीनिंग के खिलाफ भोपाल के लिली टॉकीज में भी कार्यकर्ताओं के साथ इनपर तोड़फोड़ का आरोप है। इसका नेतृत्व भी मसूद ने ही किया था।