अशोकनगर: जिले में शराब की दुकान खोलने पर ठेकेदारों की असहमति, बताई ये वजह

अशोकनगर|हितेंद्र बुधौलिया।

कोरोना(corona) संक्रमण(infection) एवं लॉकडाउन(lockdown) के दौरान भी कई इलाकों में शराब(liquor) की दुकान खोले जाने के फैसले को देश की अर्थव्यवस्था(economy) से जोड़कर देखा जा रहा था। कहा जा रहा था कि इससे राजस्व की हानि को रोका जा सकेगा। मगर सरकार के इन प्रयासों से अलग प्रदेश भर के आबकारी ठेकेदार स्थिति सामान्य होने तक शराब दुकान ना खोलने की बात कह रहे है। एक ओर आबकारी विभाग नोटिस चस्पा कर दुकान खुलबाने की कार्यवाही कर रही है। वही शराब कारोबारी सोशल डिस्टेंसिग का पालन ना हो पाने एवं शराब की आपूर्ति रेड जोन से होने का हवाला दे कर दुकान ना खोलने की बात कह रहे है।

अशोकनगर जिले के आबकारी फर्म प्रेमनगर ग्रुप के संचालक घनश्याम राठौर ने जिले की दुकानें ना खोलने की बात पत्रकारवार्ता में कही है। सरकार द्वारा शराब दुकान खोले जाने की घोषणा से खुशी मना रहे शराब के शौकीनों के लिए यह खबर परेशान कर सकती है ,कि प्रदेशभर के ठेकेदार फिलहाल दुकान खोलने के पक्ष में नहीं है। देशभर में कल से कई इलाकों में शराब की दुकान खोले जाने के बाद वहां पर स्थिति बेकाबू हो गई। कई किलोमीटर तक की लाइनें लगी रहीं और बेकाबू भीड़ ने सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन कियाl इस स्थिति को देखते हुए अशोकनगर जिले के आबकारी ठेकेदार घनश्याम राठौर ने अपने यहां की दुकान न खोलने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सकता है और ना ही भीड़ को काबू कर पाएंगे। राठौर ने बताया कि उनके यहां शराब की आपूर्ति जिन स्थानो से होती है वह रेड जोन में है। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। साथ ही उनका कहना है कि समाज हित में स्थिति सामान्य होने तक अपनी शराब दुकान बंद रखना चाहते हैं।

उनका कहना है कि देश के प्रधानमंत्री ने लॉक डाउन लागू करके कोरोना वायरस से लड़ाई में बड़ी भूमिका निभाई है। मगर कुछ राज्य सरकारें जबरन शराब की दुकान खुलवा कर प्रधानमंत्री के प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। जिस समय उन्होंने अपनी दुकान बंद करने संबंधी प्रेस वार्ता का आयोजन किया था। उसी समय आबकारी विभाग के सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं उनकी टीम नोटिस लेकर पहुंची और सरकारी आदेश का हवाला देकर दुकान खोलने की बात कहते हुए उनके दफ्तर पर नोटिस चस्पा कर गई। इस तरह एक और सरकार जहां शराब की दुकान खुलवाने में जोर लगा रही है। वही शराब ठेकेदार इस समय शराब की दुकान खोलने पर राजी नहीं है।