बालाघाट: बसपहरा जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, कई राउंड फायरिंग

बालाघाट, सुनील कोरे। नक्सल प्रभावित इलाके में अक्सर नक्सलियों की आमद होती रहती है, हालांकि विगत कुछ वर्षो में बालाघाट पुलिस की सक्रियता के कारण नक्सली किसी घटना को अंजाम नहीं दे सकें लेकिन फिर भी नक्सलियों की मौजूदगी की खबरें सामने आती रही है।

6 सितंबर को बालाघाट के गढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत उमरझोला ग्राम में नक्सलियों की इलाज कराने की गोपनीय सूचना पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी को मिली थी। जिसके बाद नक्सलियों की तलाश के लिए नक्सली उन्मूलन में लगे गढ़ी पुलिस और सुरक्षाबल हॉकफोर्स के जवानों की दो टीमे सर्चिंग के लिए रवाना की गई। जब एक पार्टी ग्राम में पहुंची तो नक्सली वहां से जा चुके है, जबकि दूसरी पार्टी जंगल में सर्चिंग कर रही थी। शाम के लगभग 5.30 बजे सूपखार के बसपहरा जंगल की पहाड़ी चढ़ाते समय सर्चिंग कर रही सुरक्षाबलों की टीम से पहाड़ियोें पर मौजूद विस्तार दलम के नक्सलियों से पुलिस का आमना-सामना हुआ। लगभग एक दर्जन की संख्या में पहाड़ी पर मौजूद नक्सलियों ने पहाड़ी चढ़ रहे सुरक्षाबलों की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी जिसका जवाब सुरक्षाबलों की टीम ने जवाबी फायरिंग से दिया।

पुलिस सूत्रों की मानें तो नक्सलियों की ओर से लगभग 40 से 50 राउंड फायरिंग की गई। इसके जवाब में हॉक फोर्स के सुरक्षाबलों की टीम ने 18 से 20 राउंड फायरिंग की। फायरिंग बंद होने के काफी देर बाद तक सुरक्षाबल के जवान वहां पोजिशन लेकर डटे रहे, लेकिन नक्सली उंचाई की आड़ लेकर फरार हो गये। फायरिंग बंद होने के बाद हॉकफोर्स के सुरक्षाबलो ने जंगल में सर्चिंग अभियान चलाने का प्रयास किया लेकिन बारिश होने और रात में नेटवर्क नहीं होने से सुरक्षाबल की टीम वापस लौट आई। बसपहरा के जंगल में पहाड़ी पर मौजूद नक्सलियों के साथ मुठभेड़ होने की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में पूरी सुरक्षा के साथ आज 7 सितंबर को अन्य और सुरक्षाबलों की पार्टियों को मुठभेड़ वाले जंगली क्षेत्र में सर्चिंग के लिए रवाना किया गया। जहां सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों की टीम को एक शख्स का शव मिला। जिसके कुछ ही दूरी पर सुरक्षाबलों की टीम ने एक भरमार बंदूक और एक पिट्ठू बैग बरामद किया है जिसमें रोजमर्रा की खाद्य सामग्री है। हालांकि जिस शख्स का शव सुरक्षाबलों की टीम ने बरामद किया है, उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। सूत्रों की मानें तो मृतक छत्तीसगढ़ निवासी है और विगत कुछ समय से वह यहीं पास के गांव में रह रहा था और जिस दौरान उसकी मौत गोली से हुई उस वक्त वह मछली मारने गया था। हालांकि पुलिस अधीक्षक का कहना है कि इस मामले की संपूर्ण जांच निष्पक्षता से जारी है।

सुरक्षाबलों और नक्सलियों की मुठभेड़ में जिस शख्स की गोली लगने से मौत हुई है, उसकी उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष है। चूंकि उसके पहने कपड़े नक्सलियों जैसे नहीं थे इसलिए यह साफ नहीं हो सका है कि वह नक्सली है या नहीं। इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि शव नक्सली संगठन के किसी संगम सदस्य का हो सकता है। बहरहाल पुलिस  शव को बरामद करने के बाद उसकी शिनाख्त में जुटी है।

पुलिस के मुताबिक नक्सली विस्तार दलम के सदस्य थे, जो घटना के समय लगभग आधा दर्जन थे, जिसमें से लगभग 8 नक्सलियों का सीधा आई-कांटेक्ट सुरक्षाबलों के जवानों से हुआ था। जिनके द्वारा सुरक्षाबलों पर फायरिंग के बाद ही पुलिस और हॉकफोर्स के सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग की। बहरहाल बालाघाट पुलिस मृतक शख्स की पूरी जानकारी जुटा रही है, साथ ही इसकी भी जांच कर रही है कि वह आखिर वहां कैसे पहुंचा। जहां उसका शव मिला है, वह वनविभाग की ओर से प्रतिबंधित क्षेत्र है। जिसकी मौत सुरक्षाबल या फिर नक्सली की गोली से हुई है, इसकी भी जांच की जा रही है। पीएम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पायेगा कि मृतक कौन है, उसकी मौत कब और कैसे हुई ?

गढ़ी थाना क्षेत्र के जंगलो में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने पूरे क्षेत्र में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है और सुरक्षाबलों की कई टीमें क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान में जुटी है, वहीं थाना क्षेत्र को भी अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस का प्रयास है कि जिले के जंगलो में घुसे नक्सलियों का बाहर जाने का मौका न दिया जायें ओर जिले के जंगलो में ही उन्हें कैद कर सकें।

इनका कहना है
हमें एक गोपनीय सूचना मिली थी कि गढ़ी थाना क्षेत्र के उमरझोला गांव में नक्सली आये हैं और रूके हैं। जिनकी तलाश के लिए दो पार्टियां रवाना की गई थी। जिसमें एक पार्टी के साथ बसपहरा के जंगल में पहाड़ी के पास मुठभेड़ हुई थी। दोनों ही ओर से कई राउंड फायरिंग की गई। चूंकि रात होने ओर बारिश होने के कारण रात में सर्चिंग नहीं हो सकी थी। जिसके बाद अन्य पार्टियों के साथ जंगल में सर्चिंग की गई तो जिस पहाड़ी पर नक्सली मौजूद थे, उस पहाड़ी के पास नीचे में एक 40 से 45 व्यक्ति का शव मिला है। चूंकि उसके पहने कपड़े नक्सली जैसे नहीं है, जिससे आशंका है कि वह नक्सलियों का कोई सहयोगी हो सकता है। जिसके शव को बरामद कर लिया है और उसकी शिनाख्ती का प्रयास किया जा रहा है। जंगल में मुठभेड़ के बाद सर्चिंग तेज कर दी गई है और जंगल में टीम लगातार सर्चिंग कर रही है। सर्चिंग तेज कर दी गई है और जंगल में टीम लगातार सर्चिंग कर रही है।
अभिषेक तिवारी, पुलिस अधीक्षक

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