ग्वालियर , अतुल सक्सेना। मध्यप्रदेश(Madhyapradesh) में कमलनाथ सरकार के गिरने के सबसे बड़ा कारण माने जाने वाली ज्योतिरादित्य सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) पर कांग्रेस(congress) लगातार हमलावर रही है। 15 महीने की सत्ता को पलटने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी(bjp) में शामिल हो गए थे। जिसके बाद से कांग्रेस लगातार सिंधिया पर आरोप लगाती रही है। इसी बीच आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केके मिश्रा(K.K.Mishra) ने सिंधिया पर बड़ा आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने जमीनों के खेल में सरकार गिराई है। इतना ही नहीं केके मिश्रा ने यह भी कहा कि सिंधिया कभी भी ग्वालियर विकास की बात नहीं करते हैं।

दरअसल ग्वालियर चंबल में कांग्रेस के दौरे से पहले मिश्रा ने यह कहा कि ग्वालियर से कांग्रेस के दिग्गज नेता केके मिश्रा ने कहा कि सिंधिया जब कांग्रेस में थे। तब भी कमलनाथ से मुलाकात में वह कभी भी ग्वालियर विकास की बात नहीं करते थे। वही केके मिश्रा ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि सिंधिया का पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होना एक षड्यंत्र मात्र है। जो जमीनों के खेल की वजह से है। वही केके मिश्रा ने सिंधिया परिवार को सबसे बड़ा भूमाफिया करार दिया है।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब किसी कांग्रेस नेता द्वारा सिंधिया पर जमीन विवाद या अन्य आरोप लगाए जा रहे हैं सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद से कांग्रेस के 22 विधायकों ने एक साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद प्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी और शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। ऐसे में आगामी उपचुनाव को देखते हुए कांग्रेस लगातार सिंधिया को निशाने पर ले रही है। इससे यह तो साफ जाहिर है कि कांग्रेस अब तक सिंधिया से उबर नहीं पाई है अब ऐसे में उपचुनाव में कांग्रेस की क्या स्थिति रहती है और सिंधिया कितनी सक्षमता से बीजेपी के लिए वोट बैंक को बढ़ाने का काम करते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा।