जिला क्राइसिस मीटिंग में बोले मंत्री – कोरोना से निपटने तैयारी पर्याप्त, बुधवार से शुरू होगी सख्ती

कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को नष्ट करना जरूरी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में एक बार फिर से कोरोना की तीसरी लहर (Corona third wave) ने दस्तक दे दी है। तीसरी लहर के दस्तक देने के साथ ही राजधानी Bhopal सहित इंदौर (Indore) में मामले में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इंदौर के बाद राजधानी भोपाल (Bhopal Corona) का हॉटस्पॉट (hotspot) बना हुआ है। इसी बीच मंगलवार को डिस्ट्रिक्ट क्राइसिस मैनेजमेंट (District Crisis Management) की मीटिंग बुलाई गई। मीटिंग का संचालन करते हुए प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह bhupendra singh) ने नए नियम तय किए हैं। जिसके मुताबिक बुधवार से राजधानी में सख्ती अपनाई जाएगी। मास्क को लेकर अभियान चलाया जाएगा। वही बिना मास्क देखने पर 200 रूपए जुर्माने लगाए जाएंगे।

प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह के निर्देशानुसार अभियान के लिए टीमें तैनात की जाएगी। राजधानी में नाइट कर्फ्यू के समय में भी बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि इस दौरान वीकेंड कर्फ्यू को लेकर भी कोई विचार-विमर्श नहीं हुए हैं। मंत्री ने अनावश्यक इकट्ठे नहीं होने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी सख्ती अपनाई जाएगी। साथ ही शादी विवाह में मेहमानों की संख्या पर भी कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।

बैठक में प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को नष्ट करना जरूरी है। इसके लिए सतर्कता रखी जाएगी। भोपाल जिले में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। कोरोना मरीजों के लिए 8500 बेड जिले भर में उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी किसी भी सूरत में नहीं होगी।

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प्रभारी मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक प्रदेश में 6000 टेस्टिंग की जा चुकी है। रोजाना करीब 60 केस देखने को मिल रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर प्रदेश में आ चुकी है। हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है। इंदौर के बाद राजधानी भोपाल सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। इसलिए चिंता बढ़ गई है।

हालांकि जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में अनावश्यक भीड़ इकट्ठा करने पर पाबंदी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवश्यक कार्रवाई की भी बात कही गई है। वहीं मेले को लेकर फिलहाल Collector को परीक्षण करने की सलाह दी गई है। प्रदेश सहित जिला भर में कोरोना के मामले में कमी ना होने कीस्थिति में मेले को बंद या प्रतिबंधित किया जा सकता है।

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के समय अनुसार जिले में भी नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा हालांकि अभी नाइट कर्फ्यू की अवधि बढ़ाने पर विचार नहीं किया गया। साथ ही वीकेंड कर्फ्यू को लेकर भी कोई नियम नहीं तय किए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनके निर्देश अनुसार प्रदेश में कार्रवाई की जाएगी। हम कोरोना से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं उन्होंने लोगों से सतर्कता की अपील की है।