भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। देश में जहां एक तरफ कोरोना(corona) के केस अपने चरम पर है। वहीं दूसरी तरफ NTA द्वारा NEET-JEE की परीक्षा का ऐलान कर दिया गया है। जिसको लेकर देशभर के छात्रों में रोष व्याप्त है और वह लगातार परीक्षा निरस्त करने की मांग सरकार से कर रहे हैं। छात्रों के केंद्र सरकार(central government) से लगातार मांग के बाद अब विपक्ष(opposition) भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने लगा है। जिस पर प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है।

नरोत्तम मिश्रा(Narottam Mishra) ने कहा है कि NEET-JEE की परीक्षा कोई छोटी-मोटी परीक्षा नहीं है। यह परीक्षा नौजवानों और देश के भविष्य से जुड़ी परीक्षाएं हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इस परीक्षा को पास करके जो भी नौजवान आता है। वह जनता की भागीदारी में सहायक होता है। वह सरकार चलाने में सहायक होता हैं। मिश्रा ने कहा कि ऐसे परीक्षाएं देश के भविष्य के लिए बेहद आवश्यक है इसका एक गलत चुनाव देश की जनता के साथ गलत होगा। वही।इसके लिए नौजवान 3 से 4 वर्ष कड़ी मेहनत करते हैं। ऐसी स्थिति में विपक्ष को देश के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।

वही NEET-JEE कि परीक्षा को लेकर मध्यप्रदेश में विपक्ष भी लगातार केंद्र सरकार पर निशाना बना रही है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी(Congress Leader Jitu Patwari) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi)  को पत्र लिख NEET-JEE की परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। वहीं इससे पहले कई कांग्रेसी नेता इन परीक्षाओं पर अपना विरोध जता चुके हैं।

गौरतलब हो कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) और राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को स्थगित करने की याचिका सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद भी इनके आयोजन पर सवालिया निशान लगा हुआ है। इन परीक्षाओं को लेकर छात्रों की राय अलग है। बिहार, असम जैसे बाढ़ प्रभावित राज्यों के छात्र इन परीक्षाओं को गलत बता रहे हैं। वहीँ कई ऐसे छात्र भी हैं जो नहीं चाहते की परीक्षा स्थगित हो। छात्रों का कहना है कि वायरस के कारण इनमें पहले से ही विलंब हो चुका है। उनका कहना है कि अगर परीक्षाएं नहीं हुईं तो उनका एक वर्ष बेकार हो जाएगा।