मध्य प्रदेश के 9 और जिलों में कौओं में बर्ड फ्लू की पुष्टि, यहां पोल्ट्री में भी मिला वायरस

प्रभावित क्षेत्र में अगले 3 माह तक कुक्कुट उत्पाद की रीस्टाकिंग और कुक्कुट परिवहन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान ने हरदा, बुरहानपुर, राजगढ़, डिण्डोरी, छिंदवाड़ा, मण्डला, सागर, धार और सतना में भी कौओं में बर्डफ्लू की पुष्टि हुई है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बर्ड फ्लू (Bird Flu) का दायरा बढ़ता ही जा रहा है| प्रदेश के नौ और जिलों में कौआ में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है| वहीं हरदा (Harda) जिले के रहटगाँव की पोल्ट्री में बर्डफ्लू एच5एन8 वायरस की पुष्टि हुई है। राज्‍य शासन ने बर्डफ्लू से प्रभावित स्थान से एक किलोमीटर की परिधि में कुक्कुट कलिंग, अण्डे, चारा, दाना आदि नष्ट करने के निर्देश दिये हैं। इस परिधि की साफ-सफाई के साथ इसे सेनेटाइज और डिसइनफेक्ट भी किया जायेगा। प्रभावित स्थल से एक से 9 किलोमीटर की परिधि को सर्विलांस क्षेत्र में शामिल करते हुए सेम्पल लेने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

प्रभावित क्षेत्र में अगले 3 माह तक कुक्कुट उत्पाद की रीस्टाकिंग और कुक्कुट परिवहन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान ने हरदा, बुरहानपुर, राजगढ़, डिण्डोरी, छिंदवाड़ा, मण्डला, सागर, धार और सतना में भी कौओं में बर्डफ्लू की पुष्टि हुई है।

पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने भारत शासन के द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार सभी प्रभावित जिलों में एवियन इनफ्लूएंजा से बचाव, रोकथाम और नियंत्रण के उपाय करने के निर्देश दिये हैं। पशु चिकित्सा अधिकारियों से पोल्ट्री एवं पोल्ट्री उत्पाद बाजार, फार्म, जलाशयों एवं प्रवासी पक्षियों पर विशेष निगरानी रखने के साथ मुर्गियों का नियमित सर्विलांस करने के निर्देश दिये गये हैं। सभी जिलों में कंट्रोल रूम की स्थापना की जाकर रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन कर दिया गया है। नियंत्रण एवं शमन कार्य में संलग्न अमले द्वारा पीपीई किट पहनकर एंटी वायरल ड्रग के बाद कार्यवाही की जा रही है। पोल्ट्री एवं पोल्ट्री उत्पाद बाजार में बायो सिक्युरिटी मापदण्डों का पालन किया जा रहा है। पशु चिकित्सा अधिकारी प्रतिदिन के कार्यों की रिर्पोटिंग संचालनालय पशुपालन चिकित्सा अधिकारी को ईमेल के द्वारा कर रहे हैं, जिनके आधार पर त्वरित कार्यवाही की जाकर रोकथाम के अविलंब उपाय किये जा रहे हैं।

अब तक इन जिलों में पक्षियों में एच5एन8 वायरस की पुष्टि
प्रदेश में अब तक इंदौर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, खण्डवा, खरगौन, देवास, गुना, उज्जैन, शिवपुरी, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, दतिया, अशोकनगर, बड़वानी, होशंगाबाद, भोपाल, झाबुआ, हरदा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, डिण्डोरी, मण्डला, सागर, धार और सतना में पक्षियों में एच5एन8 वायरस की पुष्टि हो चुकी है।