MP उपचुनाव 2020: भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा जल्द, आज दिल्ली में लग सकती है मुहर

दिल्ली में बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक, शिवराज सिंह चौहान हुए शामिल

शिवराज सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (By-election) को लेकर भाजपा (BJP) जल्द ही प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकती है| दिल्ली में आज बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति (BJP Central Election Committee) की बैठक है, जिसमे शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) पहुँच गए हैं| बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव और मध्य प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों में होने वाले उपचुनाव को लेकर मंथन किया जाएगा| बैठक में शामिल होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान समेत तमाम बड़े नेता पहुँच चुके हैं|

दिल्ली में होने वाली इस बैठक में मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर प्रत्याशियों की सूची पर मुहर लग सकती है| जिसके बाद देर रात तक या सोमवार को भाजपा प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर सकती है| 25 सीटों पर कांग्रेस छोड़ भाजपा में आये नेताओं के टिकट तय मायने जा रहे हैं| लेकिन तीन सीटों के कारण सभी के नामों का ऐलान अटक गया है। इन सीटों पर भोपाल में मंथन हो चुका है, अब मुहर दिल्ली से लगेगी| सूची फाइनल होने के बाद पार्टी कल तक प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है|

भाजपा में तीन सीटों पर टिकट के लिए कशकमश है। आगर सीट पर भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल थे। उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है, भाजपा इस सीट पर दोबारा कब्ज़ा ज़माना चाहेगी| वहीं जौरा और ब्यावरा सीट पर कांग्रेस विधायक थे, जिनके निधन के बाद अब उपचुनाव हो रहे हैं। ब्यावरा से पूर्व विधायक नारायण सिंह पवार का नाम चल रहा है, हालांकि उनका विरोध हो रहा है, नए चेहरे की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन हो चुका है| वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष दिलवर यादव का भी नाम सामने आया है|

इसके अलावा जौरा में सूबेदार सिंह के नाम की चर्चा चल रही है। उनके नाम पर शिवराज और क्षेत्र के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की सहमति बताई जा रही है। हालांकि सिंधिया समर्थक नेताओं के नाम भी दौड़ में हैं| पूर्व मंत्री मनोहर ऊंटवाल के निधन से खाली हुई आगर सीट से उनके पुत्र मनोज ऊंटवाल को टिकट दिया जा सकता है| इसके अलावा ज्योतिरादिता सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए कुछ पूर्व विधायकों के मैदानी सर्वे के आधार पर जीत की कम संभावनाओं को देखते हुए 2 से 3 नामों पर पुनर्विचार किया जा सकता है।