106 करोड़ के खुलासे के बाद गर्माई सियासत, BJP नेता बोले- 3 IPS कौन थे, नाम उजागर हो

बीजेपी नेता (BJP Leader) हितेष वाजपेई ने ट्वीट कर लिखा है कि कमलनाथ सरकार ने विभागों से जिस प्रकार सैकडों करोड़ रुपये कांग्रेस मुख्यालय को भेजने के लिए इकठ्ठा किया, इसकी IT विभाग की रिपोर्ट मे उल्लेखित तथ्यों के आधार पर FIR दर्ज कर EOW जांच होना चाहिए।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मप्र (Madhya Pradesh) से 2016 से 2019 तक कांग्रेस (Congress) के दिल्ली मुख्यालय (Congress headquarters)106 करोड़ भेजे जाने के खुलासा के बाद भोपाल (Bhopal) से दिल्ली (Delhi) तक सियासत गर्मा गई है। बीजेपी, कांग्रेस और पिछली कमलनाथ सरकार पर हमलावर हो गई है।अब बीजेपी नेता हितेष वाजपेई(Hitesh Vajpayee)  ने ट्वीट कर मामले की जांच EOW से करवाने की मांग की है वही एमपी डीजीसी से इस पूरे घटनाक्रम में शामिल 3 आईपीएस (IPS) के नामों को उजागर करने की बात की है।

बीजेपी नेता (BJP Leader) हितेष वाजपेई ने ट्वीट (Tweet) कर लिखा है कि कमलनाथ सरकार ने विभागों से जिस प्रकार सैकडों करोड़ रुपये कांग्रेस मुख्यालय को भेजने के लिए इकठ्ठा किया, इसकी IT विभाग की रिपोर्ट मे उल्लेखित तथ्यों के आधार पर FIR दर्ज कर EOW जांच होना चाहिए।उन तीन IPS के विरुद्ध दंण्डात्मक विभागीय जांच संस्थित की जाना चाहिए जिनके नाम IT विभाग ने “कमलनाथ हवाला कांड:106 करोड़” में उजागर किए हैं।

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अगले ट्वीट में वाजपेई ने लिखा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बार-बार चेताया था कि वल्लभ-भवन को  कमलनाथ ने दलालों का अड्डा बना दिया था, परन्तु आपका पुलिस मुख्यालय के तीन IPS कौन हैं जो इस गोराख्धंदे में शामिल थे इसकी जानकारी आपको प्रदेश हित में आयकर विभाग से लेना चाहिए @DGP_MP जी!

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बता दे कि खुलासे में जब्त दस्तावेजों में कमलनाथ, उनके सहयोगी आरके मिगलानी सहित मध्य प्रदेश में कई आईपीएस अधिकारियों के भी नाम है जिन्होंने इस पैसे के लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ-साथ के परिवहन,आबकारी सहित मध्य प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा विभागो द्वारा कमलनाथ को दिये पैसे का हिसाब इन दस्तावेजों के अंदर है, जिसके चलते भोपाल से दिल्ली तक की सियासत गर्मा गई है।

गृहमंत्री ने दिए EOW जांच के संकेत

खुलासे के बाद मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने कहा है कि हम तो पहले से ही कहते रहे हैं कि कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) दलालों की सरकार थी और वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बना दिया था नरोत्तम ने कमलनाथ की तुलना महमूद गजनबी से करते हुए कहा कि जिस प्रकार वह देश को लूट के ले गया उसी प्रकार कमलनाथ मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का पूरा पैसा राहुल गांधी के विदेशी यात्राओं और गांधी परिवार की वेलफेयर के लिए ले गये। नरोत्तम ने कहा है कि आईटी विभाग (Income Tax Department) से संपर्क करके विधि विशेषज्ञों की राय लेकर इस मामले को राज्य आर्थिक अपराध अनुसंधान (EOW) कार्य सौंपा जा सकता है ।

यह है पूरा मामला

दरअसल टाइम्स नाउ (Times Now) की रिपोर्ट के मुताबिक उसके पास आयकर विभाग (IT Department) की 408 पन्ने का स्रोत मौजूद है। जिससे पता चला है कि 2016 से 2019 के बीच में नई दिल्ली के अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में करीबन 106 करोड रूपए की बेहिसाब नगदी के लेनदेन किए गए हैं। जब पैसे बारी-बारी से कई किश्तों में पार्टी मुख्यालय पहुंची है।इतना ही नहीं न्यूज़ चैनल यह भी दावा किया कि 408 पन्ने के स्रोत में 13 फरवरी 2019 से 4 अक्टूबर के बीच 74 करोड़ 62 हजार रूपए की राशि की लेनदेन पार्टी मुख्यालय में की गई है। वही इससे पहले अगस्त 2016 से सितंबर 2016 के बीच पार्टी मुख्यालय में 26 करोड़ 50 लाख रुपए पार्टी मुख्यालय पहुंचाए गए थे।इस लेनदेन में एक बड़ा खुलासा और हुआ है। जहां 27 फरवरी 2019 को 5.50 करोड़ रूपए, 28 फरवरी 2019 को 3.50 करोड़ रूपए पार्टी मुख्यालय पहुंचे हैं। वही 24 अप्रैल 2019 को 5 करोड़ 45 लाख रुपए की एक और क़िस्त अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय भेजे गए थे। वही कई बड़ी रकम आम चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे थे।

 

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