मन्दसौर।तरुण राठौर

सरकारी गेंहू को खुली भूमि पर रखने को लेकर मामला सामने आया है। जिससे सरकार ने अन्य जिलों से लाकर गेहूं को जिला मुख्यालय के पास एक गांव में मगरे रखा है। इसको लेकर सत्ताधारी पार्टी के क्षेत्रीय विधायक ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। जो अपने आप में काफी गंभीर है। ओर कई सवालों को जन्म दे रहे है। वैसे तो ये सरकारी गेहूं आगर मालवा से लाकर मन्दसौर के पास पीटीयाखेड़ी गांव में एक मगरे पर खुली भूली जमा किया है।

जिसकी सुरक्षा के लिए गार्ड लगाए गए है। जो दिनरात उन सरकारी गेहू की देखभाल करते है यही नही यहां पर 15 कर्मचारी है जो बहार से आ रहे गेहूं को उतारकर उसको जमाते है। साथ ही ये भी ध्यान रखते है कितना गेहू रोज आ रहा है। जब इस बात की जानकारी विधायक यशपालसिंह सिसौदिया तो वह मौके पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने खुले में पड़े गेंहू को लेकर अपनी ही सरकार को लेकर सवाल खड़े किर। जिसमें उन्होंने कहा कि 350 किलो मीटर दूर से माल लाकर यहां खुले में क्यो रखा जा रहा है। जबकि गेंहू को रखने की जगह नही है और खुले में ही रखना है तो उससे वहीं जिले में रख सकते थे। यहां लाकर रखने की क्या जरूरत। जो अपने आप में गंभीर विषय है।

जिसकी शिकायत में मुख्यमंत्री से करुगा। क्योंकि ये तो सीधे सीधे ट्रांसपोर्ट माफिया को फायदा पहुंचाने का जरिया है। यदि सरकार की मंशा ट्रांसपोर्ट माफिया को फायदा नही पहुंचाने की होती तो इतनी दूर से गेंहू यहां लाकर नही रखा जाता। क्योंकि जितना पैसा गेंहू को यहां पर लाने में लगा है उतने पैसे में तो गेंहू को उसी जिले में कही सुरक्षित रख दिया जाता। क्या वहां मगरे नही है। जबकि इस मामले को लेकर अधिकारी का कहना है कि इस बार गेंहू की अधिक खरीदी होने के चलते उन्हें रखने की पर्याप्त व्यवस्ता नहीं है इसीलिए उन गेहूं को सड़ने से बचाने के लिए यहां पर लाकर भंडारण किया है।