Shivraj Cabinet: मंत्रिमंडल में सबसे चौंकाने वाला नाम रहा ब्रजेंद्र यादव का

अशोकनगर। हितेंद्र बुधौलिया।

मुंगावली से दो बार विधायक रहे ब्रजेन्द्र यादव का शिवराज मंत्रीमंडल में शामिल होना सबसे चौकाने बाला नाम है।ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय इलाके के मुंगावली से ब्रजेन्द्र यादव दो बार विधायक रहे है।मार्च में कॉग्रेस सरकार से बगावत करके जिन 22 विधायको ने इस्तीफा दे कर कॉंग्रेस की सरकार गिरा कर भाजपा की सरकार बनाई थी उनमे ब्रजेन्द्र यादव भी शामिल थे।पूर्व विधायक श्री यादव राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे के विधायक रहे है।स्थानीय सियायत में बडे गुणाभाग एवं सिंधिया की इच्छा से उनको मंत्री पद मिला है।
राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र के मुंगावली के पूर्व विधायक ब्रजेन्द्र यादव को मंत्री बनाने के पीछे कई राजनैतिक समीकरण एवं कारण रहे है।सबसे बड़ा कारण जो जिले में चर्चा है उसकी प्रष्ठभूमि में सिंधिया की लोकसभा हार से जुड़ा मामला है।सिंधिया के राजनैतिक जीवन की सबसे बड़ी एवं एक मात्र शिकस्त बीते लोकसभा चुनाव की हार है।जिससे वह अभी तक नही उभर पाये,इस हार के पीछे कभी उनके समर्थक रहे केपी यादव है।जिन्होंने लोकसभा चुनाव में उन्हें करारी हार का स्वाद चखाया था।सिंधिया से उनकी तकरार लगातार बनी रही ,सिंधिया के भाजपा में आने के बाद भी सावर्जनिक तौर पर सांसद केपी यादव एवं सिंधिया के बीच खाई कम होते नही देखी गई।जिले में चल रही चर्चाओं के अनुसार सिंधिया ने सांसद केपी यादव को कमजोर करने के लिये ब्रजेन्द्र यादव को मंत्री बनबा कर मजबूत किया है।ब्रजेन्द्र यादव एवं केपी यादव दोनो मुंगावली से आते है।
दूसरा बड़ा कारण यादव समाज को साधने के तौर माना जा रहा है।सिंधिया जिस इलाके से राजनीति करते है वह पूरा संसदीय क्षेत्र यादव बाहुल्य है।यहां करीब आधा दर्जन सीटों पर यादव वोटरो को सन्देश देने के लिये ब्रजेन्द्र यादव को मंत्री पद से नवाजा गया है।खुद ब्रजेन्द्र यादव मुंगावली से आते जो यादव बाहुल्य सीट है वह दोनों बार मात्र 2 हजार वोटो के अंतर से जीते है।जबकि यहां के केपी यादव इस दौरान सिंधिया को हरा कर बड़ा नाम समाज के लिये बन चुके है ,ऐसे में उसके प्रभाव को कम करने के लिये ब्रजेन्द्र यादव का कद बढ़ाये जाने की यह राज्यसभा सांसद सिंधिया की सोची समझी रणनीति मानी जा रही है।ब्रजेन्द्र यादव के मंत्री बनने से मुंगावली से साथ अशोकनगर सीट को भी साधने की कोशिश है दोनो जगह उपचुनाव है एवं यहां अच्छी खासी संख्या में यादव वोटर है
कौन है ब्रजेन्द्र मूल रूप से किसान पृष्टभूमि से ताल्लुक रखने बाले ब्रजेन्द्र यादव अशोकनगर जिले के अमरोद गांव के रहने बाले है।आजकल वह सुरेल गांव में रहते है। किसान कोंग्रेस के जिला अध्यक्ष रहे ब्रजेन्द्र यादव 2018 में उस समय देशभर की सुर्खियों में आये थे जब महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के निधन से खाली हुई मुंगावली सीट पर उपचुनाव के लिये कॉंग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था।तब अकेले सिंधिया ने पूरी शिवराज सिंह सरकार के विरोध में अपने दम पर ब्रजेन्द्र यादव को विधायक बनवा दिया था। 28 फरवरी 2018 को आये उपचुनाव के परिणाम में ब्रजेन्द्र यादव ने तब के धाकड़ नेता रहे स्व देशराज सिंह यादव की पत्नी एवं रिश्ते में अपनी भाभी वाई साहब यादव को2124 वोटों से हराया था।जबकि वाई साहब के लिये पूरी सरकार एवं पति की मौत की सहानुभूति भी कोई काम नही आई थी।उल्लेखनीय है देशराज सिंह भाजपा के बड़े नेताओं में शुमार थे उन्हें भाजपा ने 6 बार मुंगावली से टिकिट दिया जिसमें 3 बार वह चुनाव जीते थे।ब्रजेन्द्र यादव एवं देशराज सिंह यादव आपसे में चचेरे भाई थे।
इस इलाके में सिंधिया का जलवा 2018 के आम चुनाव में भी जमकर चला था।अपनी दम पर सिंधिया ने ब्रजेन्द्र यादव को दूसरी बार टिकिट दिलाया एवं आज के bjp सांसद एवं कभी खुद के समर्थक रहे डॉ केपी यादव के खिलाफ ब्रजेन्द्र यादव को उतारा,आम चुनाव से पहले केपी यादव ने सिंधिया से बगाबत करके भाजपा का दामन थाम लिया था।दिसम्बर क2018 के आमचुनाव में ब्रजेन्द्र यादव एवं के पी यादव के बीच सीधा मुकाबला हुआ जिसमें ब्रजेन्द्र यादव लगातर दूसरी बार जीते इस बार वह 2136 वोट से जीते।किस्मत से दूसरी बार भी ब्रजेन्द्र ने अपने रिश्तेदार को ही चुनाव में हराया,के पी यादव के पिता एवं ब्रजेन्द्र यादव आपस भाई लगते है।दोने सगे मामा -बुआ के लड़के है ।इस तरह ब्रजेन्द्र यादव के रिश्ते में केपी यादव भतीजे लगते है।
सिंधिया की भाजपा में अहमियत का संदेश
अशोकनगर जिले की मुंगावली विधानसभा सीट के पूर्व विधायक बृजेंद्र यादव का मंत्री बनना बड़ी राजनीतिक घटना मानी जा रही है। क्योंकि ब्रजेन्द्र यादव का नाम चौंकाने वाला है।पहले से कहीं इस नाम पर कोई चर्चा नहीं थी ।यह ताजपोशी सिर्फ और सिर्फ सिंधिया की मर्जी मानी जा रही है।जब सिंधिया समर्थक पूर्व विधायको एवं भाजपा के विधायको को मंत्री बनाने के लिये भारी कशमकश थी तब जब एक एक नाम के लिये जद्दोजहद चल रही थी।उस समय सिंधिया खेमे से ब्रजेन्द्र यादव का मंत्री बनना सिंधिया के bjp में ताकतवर हो कर उभरने के संदेश एवं संकेत के तौर पर भी माना जा रहा ।ब्रजेन्द्र यादव के मंत्री बनने से सिंधिया के भाजपा में बड़े रुतवा को भी माना जा रहा। हालांकि यह समय बताएगा कि जिन समीकरणों के कारण ब्रजेन्द्र यादव को मंत्री पद दिया गया है वह कितने सधते है

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