उपचुनाव: पूर्व सांसद-पूर्व मंत्री के भतीजे में हो सकता है मुकाबला, युवा नेता ने भी ठोंकी ताल

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

कोरोना संक्रमण (Corona infection) के चलते भले ही उपचुनाव(by election) टल रहे हो लेकिन पार्टियों में राय शुमारी का दौर जारी है। हालांकि किस सीट से कौन सा उम्मीदवार मैदान में होगा ये तय नहीं है लेकिन दावेदारों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी। कुछ दावेदार कोरोना में लोगों की मदद कर एक पंथ दो काज भी कर रहे हैं। ये तय माना जा रहा है कि ग्वालियर चंबल संभाग (Gwalior Chambal Division) की 16 में 15 सीटों पर भाजपा(bjp) उन पूर्व विधायकों(former mls) को टिकट देगी जो सिंधिया(jyotiraditya scindia) के साथ कांग्रेस (congress) छोड़कर आये हैं लेकिन जौरा में ऐसा नहीं है। ये सीट कांग्रेस विधायक(Congress MLA) के निधन से खाली हुई है। यहाँ मुकाबला रोचक होगा। कांग्रेस का एक धड़ा सेम्पेथी वोट के सहारे पूर्व विधायक के परिवार को टिकट देकर ये सीट जीतना चाहती है तो वहीं कुछ लोग इसके विरोध में हैं। उधर इसी बीच कमलनाथ सरकार(kamalnath sarakar) के एक पूर्व मंत्री के भतीजे ने इस सीट से तैयारी शुरू कर दी है। वे 100 गाँव के दौरे भी कर चुके हैं। उधर भाजपा यहाँ से अपने पूर्व सांसद को टिकट दे सकती है।

दरअसल, प्रदेश में 24 सीटों पर प्रस्तावित उप चुनाव बहुत रोचक होने वाले हैं। क्यों कि कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने में ज्योतिरादित्य सिंधिया की अगुआई में बगावत करने वाले 22 पूर्व विधायक कॉन्फिडेंट हैं कि भाजपा उन्हें ही टिकट देगी लेकिन कांग्रेस को चेहरे तलाशने में मुश्किल हो रही है। खास बात ये है कि जिन 24 सीटों पर उप चुनाव होने हैं उनमें से 16 सीटें ग्वालियर चंबल संभाग की हैं। जहाँ हमेशा से सिंधिया का दबदबा रहा है। यही वजह है कि कांग्रेस यहाँ से अपने ऐसे नेता को टिकट देने की तैयारी में है जो पहले दावेदार तो था लेकिन सिंधिया की वीटो पावर के कारण टिकट हासिल नहीं कर सका। इसके अलावा कांग्रेस अपने प्रत्याशी से हारे भाजपा के प्रत्याशियों से भी संपर्क कर रही है।ग्वालियर चंबल अंचल की सीटों पर नजर दौड़ाई जाए तो एक सीट पर कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं इनमें पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, युवा कांग्रेस के और वर्तमान राष्ट्रीय सचिव जैसे दमदार प्रत्याशी शामिल हैं।

भिंड की मेहगांव और गोहद में इनके बीच मुकाबला संभव

भिंड जिले की मेहगांव सीट से सिंधिया के साथ गए पूर्व विधायक ओपीएस भदौरिया को भाजपा उम्मीदवार बनायेगी यहाँ इन्हें टक्कर देने के लिए कांग्रेस चौधरी राकेश सिंह को टिकट दे सकती है। ये टिकट लगभग फाइनल माना जा रहा है। इसी जिले की गोहद विधानसभा से पिछला चुनाव जीते रणवीर जाटव को भाजपा टिकट देगी लेकिन कांग्रेस के सामने इस समय राम नारायण हिंडोलिया,अशोक अर्गल सहित सेवाराम जाटव और राजकुमार देश लहरिया का नाम चर्चा में है।

मुरैना में पांच सीटों पर होना है उपचुनाव, जौरा पर सबकी नजर

सिंधिया के जाने वाले विधायकों में सबसे अधिक मुरैना जिले(murena ditrict) के विधायक हैं इनमें मुरैना से पूर्व विधायक रघुराज कंसाना(Former MLA Raghuraj Kansana) को भाजपा टिकट देगी वहीं उनके सामने कांग्रेस का राकेश मावई को उतारना लगभग तय है। लेकिन यहाँ से दिनेश गुर्जर (Dinesh Gurjar)और परसराम मुदगल (Parasram Mudgal)का नाम चर्चा में है। जिले की दिमनी सीट से पूर्व विधायक गिर्राज दंडोतिया (Former MLA Girraj Dandotia) को भाजपा से टिकट मिलना तय है वहीं कांग्रेस से रविंद्र तोमर(Ravindra Tomar) नाम लगभग तय माना जा रहा है।अंबाह सीट पर पूर्व विधायक कमलेश जाटव(Former MLA Kamlesh Jatav) को भाजपा का टिकट मिलेगा वहीं यहाँ से कांग्रेस सत्यप्रकाश सखवार(Congress Satyaprakash Sakhwar) को उतार सकती है। सुमावली की सीट पर भाजपा की तरफ से पूर्व विधायक एंदल सिंह कंसाना का लड़ना तय है तो यहाँ कांग्रेस में स्थिति स्पष्ट नहीं हैं यहाँ क्षेत्र के वरिष्ठ नेता वृंदावन सिंह सिकरवार से कांग्रेस की चर्चा चल रही है। वैसे यहाँ से मानवेंद्र सिंह का नाम चर्चा में है लेकिन कांग्रेस यहाँ कोई बड़ा दांव खेल सकती है। इस जिले की जौरा सीट पर दोनों पार्टियां कश्मकश में हैं। यहाँ भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने लिए नये प्रत्याशी तलाश रही हैं ये सीट कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा के निधन के बाद खाली हुई है। कांग्रेस में कुछ लोग बनवारी लाल के परिवार को टिकट देकर सेम्पेथी वोट पाना चाहती है तो कुछ का कहना है बनवारी सिंधिया खेमे के नेता थे इसलिए टिकट नहीं दिया जाए। इन सबके बीच जो नाम कांग्रेस की तरफ से क्षेत्र में चर्चा में चल रहा है वो युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश की कमलनाथ सरकार में पशुपालन मंत्री रहे लाखन सिंह के भतीजे संजय सिंह यादव का। संजय मुरैना से लोकसभा टिकट की दावेदारी भी कर चुके हैं लेकिन सिंधिया की पावर के कारण वे टिकट हासिल नहीं कर पाए थे। अभी हालांकि टिकट की घोषणा नहीं हुई है। फिर भी संजय ने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है । एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हैं संजय सिंह यादव ने बताया कि लॉक डाउन शुरू होने से पहले ही वे करीब 100 गांवों का दौरा कर चुके हैं वे ग्रामीणों की समस्या को हल करने के लिए हर समय तैयार रहते हैं। वैसे यहाँ से पंकज उपाध्याय सहित एक दो और नाम चर्चा में हैं। उधर भाजपा ने यहाँ से अभी उम्मीदवार तय नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि पूर्व मुरैना सांसद अनूप मिश्रा जो भाजपा यहाँ से टिकट दे सकती है। एमपी ब्रेकिंग न्यूज से चर्चा में अनूप मिश्रा ने कहा कि वे बहुत दिनों से जौरा नहीं गए लेकिन वहाँ के लोग यदि ऐसा सोच रहे हैं और यदि पार्टी मुझे निर्देश करेगी तो आदेश का पालन करेंगे।

ग्वालियर जिले में दो पूर्व मंत्रियों की प्रतिष्ठा रहेगी दांव पर

ग्वालियर जिले में तीन सीटों पर उपचुनाव होना है इसमें दो शहरी और एक ग्रामीण की सीट है। शहर की ग्वालियर विधानसभा सीट से सिंधिया के कट्टर समर्थक पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को भाजपा टिकट देगी उनके सामने कांग्रेस से उनके पार्टी में रहते हुए हमेशा प्रतिद्वंद्वी रहे सुनील शर्मा मैदान में हो सकते हैं। पिछली बार भी सुनील शर्मा का नाम चर्चा में था लेकिन सिंधिया का झुकाव प्रद्युम्न की तरफ था। इसलिए टिकट कट गया। हालांकि यहाँ से वरिष्ठ नेता अशोक शर्मा का भी नाम चर्चा में चल रहा है। शहर की दूसरी सीट ग्वालियर पूर्व पर सिंधिया के साथ गए पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल को भाजपा टिकट देगी लेकिन यहाँ से कांग्रेस किसे टिकट देगी ये परेशानी का विषय है। यहाँ से सबसे अधिक चर्चा में नाम युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ दर्शन सिंह के बेटे मितेंद्र दर्शन सिंह का नाम है। अपैक्स बैंक के पूर्व चेयर मैन अशोक सिंह भी नाम भी यहाँ से चर्चा में था लेकिन उनके ग्रामीण अध्यक्ष बनने के बाद उनकी उम्मीदवारी समाप्त मानी जा रही है। मितेंद्र पिछली बार भी इस विधानसभा से दावेदार थे और जो अंतिम दो नाम cwc के पास बचे थे उनमें मुन्नालाल गोयल और मितेंद्र के थे जिसके बाद सिंधिया ने मुन्नालाल को टिकट दिलवाया था। हालांकि इस सीट से जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा और पूर्व पार्षद आनंद शर्मा का नाम भी चर्चा में है। जिले की ग्रामीण सीट से पूर्व मंत्री एवं कट्टर सिंधिया समर्थक इमरती देवी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी यहाँ कांग्रेस के पास उम्मीदवार नहीं हैं महिला सुरक्षित सीट होने के कारण कांग्रेस यहाँ से बसपा नेत्री सत्य प्रकाशी परसेड़िया को मैदान में उतार सकती है। सत्य प्रकाशी पूर्व मंत्री गोविंद सिंह से उनके ग्वालियर स्थित आवास पर मुलाकात भी कर चुकी हैं।

 

इन सीटों का ये है हाल

इसके अलावा दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट पर पूर्व विधायक रक्षा संतराम सिरोनिया भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी तो कांग्रेस यहाँ से फूल सिंह बरैया को मैदान में उतार सकती है हालांकि पार्टी बरैया का नाम राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में भी भेज चुकी है। पार्टी उसके फैसले के आधार पर फैसला लेगी। शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा से पूर्व विधायक सुरेश धाकड़ भाजपा से मैदान में होंगे तो कांग्रेस से पूर्व विधायक हरि वल्लभ शुक्ला उम्मीदवार हो सकते हैं हालांकि यहाँ कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत का नाम भी चर्चा में है जबकि जिले की करैरा विधानसभा से भाजपा पूर्व विधायक जसवंत जाटव को टिकट देगी तो कांग्रेस के सामने प्रयागी लाल जाटव का नाम चर्चा में हैं। उधर गुना जिले की बमौरी और अशोकनगर की दो सीटों पर कांग्रेस परेशानी में है। गुना की बमौरी विधानसभा से पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया को भाजपा का टिकट मिलेगा लेकिन सामने कांग्रेस से कौन होगा ये तय नहीं है हालांकि यहाँ से के एल अग्रवाल और सुमेर सिंह का नाम चर्चा में है जिसमें से अग्रवाल का नाम अधिक मजबूत माना जा रहा है। वहीं अशोकनगर जिले की अशोकनगर विधानसभा से पूर्व विधायक जजपाल। सिंह जज्जी भाजपा के उम्मीदवार होंगे वहीं उनके सामने कांग्रेस को दमदार प्रत्याशी दिखाई नहीं दे रहा यहाँ कांग्रेस नेत्री अनिता दोहरे का नाम चर्चा में चल रहा है। वहीं जिले की दूसरी सीट मुंगावली से सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ने वाले पूर्व विधायक ब्रजेंद्र सिंह यादव भाजपा प्रत्याशी होंगे । उनके सामने कांग्रेस से कोई बड़ा नाम चर्चा में नहीं है। हालांकि स्थानीय कांग्रेस नेता प्रद्युम्न सिंह दांगी का नाम यहाँ से लिया जा रहा है।

कुल मिलाकर 24 सीटों पर प्रस्तावित उप चुनाव में से ग्वालियर चंबल संभाग की 22सीटों पर मुकाबला रोचक होने वाला है ज्योतिरादित्य सिंधिया का गढ़ होने के कारण पूरे देश की निगाहें यहाँ रहेंगी और भाजपा कांग्रेस दोनों ही अपनी पूरी ताकत यहाँ झोंक देंगी।