छिंदवाड़ा: पूर्व CM के निजी सचिव एवं भाजपा जिलाध्यक्ष के बीच हुई तकरार

छिंदवाड़ा।

क्षेत्र में बढ़ रहे संक्रमण के बीच देशव्यापी महामारी पर चर्चा एवं विचार विमर्श करने के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उस वक्त स्थिति बिगड़ गई जब भाजपा अध्यक्ष विवेक साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सांसद प्रतिनिधि संजय श्रीवास्तव से अभद्रतापूर्वक बात की। छिंदवाड़ा मुख्यालय में कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा के द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अन्य प्रतिनिधियों के साथ संजय श्रीवास्तव भी मौजूद थे। यह बात विवेक साहू को हजम नहीं हुई और उन्होंने उसे वास्तव के लिए भद्दे और और अमर्यादित शब्दों का उपयोग किया। हालांकि जिला कलेक्टर ने बताया कि संजय श्रीवास्तव को बैठक में सांसद प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित किया गया है। जिसके बाद माहौल बिगड़ने पर बैठक राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गया।

दरअसल छिंदवाड़ा के जिला कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने कोरोना महामारी को लेकर एवं लॉक डाउन बढ़ाये जाने के विषय पर चर्चा करने के लिए जिले की सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सांसद प्रतिनिधि संजय श्रीवास्तव भी थे। भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक साहू ने जिला कलेक्टर से पूछा कि संजय श्रीवास्तव यहां किस हैसियत से मौजूद है। जिसके बाद जिला कलेक्टर द्वारा उन्हें आमंत्रित किए जाने की बात पर भाजपा जिला अध्यक्ष साहू बिफर पड़े और उन्होंने सांसद प्रतिनिधि संजय श्रीवास्तव के खिलाफ अपशब्द शुरू कर दिए। जिस पर जिला कांग्रेस विधायक के अलावा कांग्रेसियों की तरफ से आपत्ति जताई गई है। बैठक के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील उईके ने कहा एक तरफ भाजपा और उसके नेता कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता की नसीहत देते हैं और दूसरी तरफ उनकी जुबान जहर उगलती हैं। सुनील उईके कहा कि शिवराज सरकार अपने नेताओं के जहर उगलवा कर इस महामारी में हो रही असफलताओं को छुपाने की कोशिश करती हैं। वहीं जिला कांग्रेस विधायक कोई कहने का कि विवेक साहू को को कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। इस कारण उन्हें अपने भाषा का मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। यूके ने यह भी कहा कि भाजपा जिला अध्यक्ष साहू में और अपरिपक्वता साफ दिखाई देती है। आज भाजपा जिला अध्यक्ष साहू के इस गैरजिम्मेदाराना हरकत से उन्हीं के पार्टी के लोग उन से निराश जरूर होंगे। जिसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा है कि एक और पूरा देश इस महामारी से जूझ रहे किंतु वह बीजेपी को राजनीति करने से फुर्सत नहीं है। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेशाध्यक्ष इस कार्य की निंदा की है एवं भाजपा जिला अध्यक्ष को मर्यादा में रहने की सलाह दी है।

दूसरी तरफ बैठक में हुई तू तू-मैं मैं के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री चौहान द्वारा सभी जिलों को एक समिति बनाने का आदेश दिया गया था। जिसके बाद जिले में होने वाली सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित सभी लोगों की एक लिस्ट में आने वाले का नाम उल्लेख किया गया था। जिनमें कमलनाथ के निजी सचिव श्रीवास्तव का नाम नहीं था। बावजूद उसके बैठक में आने की वजह पूछने पर सांसद प्रतिनिधि श्रीवास्तव ने अपना आपा खो दिया और दुर्व्यवहार करने लगे। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि सांसद के निजी कर्मचारी प्रशासनिक अधिकारियों को आदेश दे रहे हैं। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा है कि मेरा सवाल बस इतना है कि जब बैठक की सूची में उनका नाम नहीं था तो बैठक में उन्हें बुलाया किसने। सर्वदलीय बैठक में कोई निजी कर्मचारी किस तरह सरकारी अधिकारियों को आदेश दे सकता है। वहीं इस बात का संज्ञान लेने पर सांसद प्रतिनिधि अपना आपा खो बैठे। जिस कारण स्थिति बेकाबू हो गई।

बता दे कि इस बैठक में जिला कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा के अलावा सांसद प्रतिनिधि संजय श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गंगा प्रसाद तिवारी, भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक साहू, विधायक सोहन बाल्मीकि, कमलेश साहू, सुजीत चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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