विधायक से बोले बच्चे- ऑनलाइन क्लासेस में आती है दिक्कत, नहीं बना पाते हैं नोट्स

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

तकनीक आज की दुनिया का संवाद है’ वह संवाद जो जोड़ता है समाज को दृष्टिकोण को उन्नति के पथ पर, प्रगति के पथ पर। लॉकडाउन में इस महामारी के कारण लोग जहां एक दूसरे से अलग है। सारी दुनिया दूरियों का पालन कर रही हैं। वही मानसिक तौर पर उन्हें जोड़े रखने का कार्य तकनीक की वजह से ही संभव हो पाया है। घर में रह रहे बच्चे आज तकनीक की वजह से शिक्षा और समाज के बदलते दृष्टिकोण का हिस्सा बन रहे हैं। पर कभी-कभी यही तकनीक हमारे लिए परेशानी का कारण भी बनते हैं।

इसी बीच चाइल्ड राइट्स ऑब्जर्वेटरी मध्य प्रदेश(Child Rights Observatory, Madhyapradesh) और यूनिसेफ(UNICEF) ने मिलकर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया था। जिसमें मध्य प्रदेश के 25 जिलों से स्कूली बच्चों ने आज एक ऑनलाइन संवाद(Online communication) में भाग लिया। संवाद का मूल उद्देश्य बच्चों से उनकी शिक्षा ऑनलाइन क्लासेस, खेलों का अभाव, लॉकडाउन के कारण स्कूलों के बंद होने, स्वास्थ्य और विशेषकर उनकी सोच की प्रखरता को सामने लाना था। इस कार्यक्रम में भाग लिए बच्चों से जब उनकी चुनौतियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुलकर इस पर चर्चा की और ऑनलाइन क्लासेस के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ऑनलाइन क्लासेस की पढ़ाई समझ नहीं आती और वह इसकी वजह से नोट्स नहीं बना पा रहे हैं।

दरअसल मध्यप्रदेश के इस कार्यक्रम में रीवा, शिवपुर, खंडवा, उमरिया, दमोह, जबलपुर, हरदा, राजगढ़, छिंदवाड़ा ,रायसेन, टीकमगढ़, निवाड़ी, दतिया, अनूपपुर, होशंगाबाद जिले के स्कूली बच्चों ने भाग लिया था। इस कार्यक्रम में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, विधायक डॉक्टर हीरालाल अलावा, संजय यादव भी मौजूद थे। उन्होंने बच्चों से जूम प्लेटफार्म(ZOOM Platform) के जरिए बातचीत की।बच्चों का कहना है कि अभी स्कूल(School) खोल दिया जाए जिससे वह अपने दोस्तों से मिलने जा सके। ज्यादातर बच्चों का कहना है कि कईओ के पास  फोन(Phone) और इंटरनेट कनेक्शन(Internet connection) नहीं होने की वजह से वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।

ऐसे बच्चों की परेशानियां को गंभीरता से सुनने के बाद जबलपुर के विधायक अजय विश्नोई(Ajay Vishnoi, MLA from Jabalpur) ने कहा कि बच्चों को चुनौतियों से प्रेरणा लेना चाहिए और घर पर रहकर पढ़ने एवं खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

परेशानियों का निराकरण किया जाए- हीरालाल अलावा

इसके अलावा मनावर के विधायक डॉ हीरालाल अलावा(MLA from Manavar Dr Hiralal Alawa) ने कहा कि बच्चों के सामने आ रही परेशानियों का निराकरण किया जाए और विधानसभा में जरूरी मुद्दे को भी उठाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी क्षेत्र के बच्चों पर भी ज्यादा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।

तकनीक के महत्व सबसे अधिक- जयवर्धन सिंह

राघोगढ़ से विधायक जयवर्धन सिंह(Jayawardhan Singh, MLA from Raghogarh) ने कहा कि आज की दुनिया में तकनीक के महत्व सबसे अधिक है। वहीं उन्होंने बच्चों को समझाया कि तकनीक से जुड़ने की कोशिश करें और प्रारंभिक जीवन में स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के महत्व को लेकर भी विस्तृत चर्चा की।

चुनौतियों को हल करने की दिशा में करें कार्य- विधायक संजय यादव 

बरगी से विधायक संजय यादव ने कहा कि इस वर्ष विधानसभा क्षेत्र के 30 स्कूलों में विधायक और सांसद निधि से स्मार्ट क्लास बनवाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की चुनौतियों को हल करने की दिशा में कार्य करती रही है और हमेशा करती रहेगी।

इसके साथ ही सभी विधायकों ने यूनिसेफ की इस पहल को सराहा और उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए ताकि बच्चों की मानसिक स्थिति से लेकर उनके अंदर चल रही भावनाओं समस्याओं को समझा जा सके और उसका निराकरण किया जा सके