मास्क लगाकर विस पहुंचे CM, विधायकों के आने का सिलसिला जारी, सिंधिया समर्थकों का इंतजार

भोपाल।
आज सोमवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरु होने जा रहा है।आज कमलनाथ सरकार को बहुमत साबित करना है ,हालांकि प्लोर टेस्ट को लेकर सस्पेंस जारी है।कांग्रेस और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का विधानसभा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। बसों में बैठकर भाजपा और कांग्रेस विधायक विधानसभा पहुंचे। यहां कड़ी सुरक्षा के बीच सभी को प्रवेश दिया जा रहा है। कोरोना वायरस को लेकर विधानसभा के सभी कर्मचारी चेहरे पर मास्क लगाए हुए हैं। यहां सभी के लिए सेनेटाइजर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। विधानसभा में आने वाले विधायकों को मास्क भी दिया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत भी विधानसभा पहुँचे है।

मुख्यमंत्री कमल नाथ भी कोरोना वायरस से बचाव के लिये मास्क लगाकर विधानसभा पहुंचे है। मुख्यमंत्री कमलनाथ पूरे ऑपरेशन की बागडोर अपने हाथ में लिए हैं। विधानसभा पहुंचने से पहले कमलनाथ ने संसदीय कार्य मंत्री गोविंद सिंह और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा से मंत्रणा भी की।हालांकि अब भी सिंधिया समर्थक बागी कांग्रेस विधायकों का इंतजार है।वे अब तक भोपाल  नही पहुंचे है।इधर, सीहोर के क्रिसेंट रिसोर्ट पुलिस की हलचल तेज हो गई है।संभावना जताई जा रही है कि सिंधिया गुट के विधायकों को बेंगलोर से इंदौर लाया जाएगा। इंदौर से सड़क मार्ग से भोपाल लाया जाएगाक्रिसेंट रिसोर्ट पर पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था की गई है।बुधनी आष्टा सहित अन्य थानों के पुलिस अधिकारी रिसोर्ट में तैनात किए गए है।

इधर बीजेपी विधायक भी मुहं पर मास्क लगाकर बसों से विधानसभा पहुंच चुके है।नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव सभी विधायकों को लेकर सदन की ओर रवाना हुए है। बस में सबसे आगे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज और वरिष्ठ विधायक नरोत्तम मिश्रा बैठे  रहे ।विधानसभा में कोरोना वायरस के चलते विशेष इंतजाम किए गए है। जगह जगह सैनेटाइजर और मास्क रखे गए है।

वधारा 144 के चलते विधानसभा आने के रास्तों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बिना पहचान पत्र और विधानसभा द्वारा जारी परिचय पत्र के बिना विधानसभा की ओर नहीं आने दिया जा रहा ।हर वाहन की हो रही है। चेकिंग विधानसभा में पास धारी लोगों को भी बिना परिचय पत्र के अंदर आने से रोका जा रहा है ।पत्रकारों , विधानसभा कर्मचारियों और विधायकों के अलावा किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।