सीएम शिवराज ने दी प्रदेशवासियों को सौगात, अब WhatsApp पर मिलेगा जाति और आय प्रमाण पत्र

मध्यप्रदेश में अब 181 पर एक फोन कॉल पर मिलेगा आय और जाति प्रमाण पत्र, जिसके लिए आधार नंबर देकर वाट्सएप (WhatsApp ) पर कॉपी मिल जाएगी। ऐसी सेवा देने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के छात्र-छात्राओं और युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। जहां पहले लोगों को आय (income certificate) या मूल निवासी प्रमाण पत्र (domicile certificate) बनवाने के लिए कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब उनके लिए राहतभरी खबर है। जी हां, मध्यप्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नया तरीका निकाला है। जिसके अनुसार अब केवल 181 पर कॉल करने के बाद अपना आधार नंबर बताना होगा। उसके बाद आपका आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र एक ही दिन में व्हॉट्सएप (WhatsApp) पर प्राप्त हो जाएगा।

CM सिटीजन केयर योजना की शुरूआत

अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस (Atal Bihari Vajpayee’s Birthday) के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने CM सिटीजन केयर योजना (CM Citizen Care Scheme) की शुरूआत की। इसे लेकर CM शिवराज ने होशंगाबाद के बाबई (Babai of Hoshangabad) में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ये योजना लाखों छात्र-छात्राओं और युवाओं के लिए वरदान साबित होगी, क्योंकि हरदिन मूल निवासी, आय और जाति प्रमाण पत्र के लिए हजारों की संख्या में युवा और छात्र-छात्राएं आवेदन करते हैं। अब इन्हें सिर्फ एक फोन कॉल पर प्रमाण पत्र अपने फोन पर मिल जाएगा। बता दें कि ऐसी सेवाएं प्रदान करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य (Madhya Pradesh is the first state of the country) बन गया है।

अटल विशाल स्मारक का होगा निर्माण

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में ग्वालियर में भव्य अटल स्मारक बनवाया जाएगा। जिसके लिए दस एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य कि वाजपेयी जी इसी प्रदेश के थे।

कन्या पूजन के बाद सरकारी कार्यों की होगी शुरूआत : CM

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने सबसे पहले बाबई में कार्यक्रम की शुरूआत कन्या पूजन (Girl worship) से की। जहां शिवराज सिंह ने ऐलान किया कि प्रदेश में कोई भी सरकारी काम की शुरूआत कन्या पूजन के बाद ही होगी। कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह ने बताया कि ‘अब युवाओं और छात्रों को केवल अपना आधार कार्ड नंबर बताना होगा, जिसके बाद सिर्फ एक दिन में ही घर बैठे प्रमाण-पत्र whatsApp पर मिलेगी।’ आगे उन्होंने कहा कि ‘आज से हम दो सर्वाधिक जन उपयोगी सेवाएं शुरू करने जा रहे है। जिसमें पहला आय प्रमाण-पत्र और दूसरा मूल निवासी प्रमाण-पत्र है।

‘एक कॉल पर WhatsApp पर मिलेगा जाति प्रमाण पत्र’

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘181 CM हेल्पलाइन है, जिसमें लोग अपनी केवल शिकायतें दर्ज कराते थे, लेकिन अब इसका उपयोग अन्य कार्यों के लिए किया जाएगा। जिसमें 181 पर कॉल कर लोग अपना आधार नंबर बताकर जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र एक दिन के भीतर प्राप्त कर सकेंगे। जो उन्हें उनके वॉट्सऐप नंबर पर मिलेगा।

 

सीएम ने बताया सुशासन का मतलब

कार्यक्रम के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने लोगों को सुशासन का मतलब बताया है, जिसमें उन्होंने कहा कि ‘सुशासन का मतलब है, बिना लिए दिए, निश्चित समय सीमा में सरकार द्वारा दी गई सेवाओं का लाभ जनता को मिल जाए और यह मैं सुनिश्चित करूंगा।’ इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘इन कार्यों में गड़बड़ी करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा, ताकत और रसूख का इस्तेमाल करने वाले, साथ ही जनता को परेशान करने वाले प्रदेश छोड़ दें।

नामांतरण की सुविधा अब एप के जरिए मिलेगी

सीएम शिवराज ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए किसान एप लॉन्च किया गया है। जिससे अब किसानों को कहीं भी जानें की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उनका काम ऑनलाइन ही हो जाएगा। जिमसें तहसीलदार द्वारा SMS करके नामांतरण (Facility of mutation) की सूचना दे दी जाएगी। वहीं SMS द्वारा ही भूमि में खसरे का नाम परिवर्तन की सूचना भी मिल जाएगी। बता दें कि यह व्यवस्था प्रदेश में 1 अप्रैल, 2021 लागू हो जाएगी। जिसे लेकर अभी काम जारी है।

किसानों को जमीन डायवर्सन के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

पहले जमीन संबंधित और जाति, आय-निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों के चप्पल घिस जाते थे, लेकिन अब सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल करते हुए लोगों को नई सुविधा प्रदान की है। जिसे लेकर सीएम शिवराज ने बताया कि अगर गैर विवादित नामांतरण के निपटान की सूचना अब सभी को अपने मोबाइल के जरिए मिलेगी। जिसके लिए लोगों को केवल ऑनलाइन आवेदन (Online Application) करना होगा। ये पूरा कार्य अब केवल एक लैपटॉप के जरिए संपन्न हो जाएगी। और जमीन के डायवर्सन के लिए विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए पटवारी को अपने पास सिर्फ 7 पंजिका रखनी होगी, साथ ही उन्हें सरकार की ओर से एक लैपटॉप दिया जा रहा है। किसान एप के माध्यम से लोग सीधे पोर्टल पर जाकर अपना शुल्क जमा कर सकेंगे। साथ ही जमीन के उपयोग के परिवर्तन का पूरा ब्यौरा खसरे में दर्ज हो जाएगी।

पटवारी करेगा वेरिफाई

किसान एप में आए आवेदन का पटवारी द्वारा वेरिफाई किया जाएगा। जिसके बाद किसानों को जानकारी प्रेषित की जाएगी। जिसमें पटवारी मौके पर ही किसानों की समस्याओं को मुआयना कर, फसल से संबंधित लाभ व हानि की डिटेल किसान एप में अपलोड करेगा। जो सीधे किसानों को मिल जाएगी। इस प्रक्रिया में अगर कोई आपत्ति होगी, तो वह भी इस एप के जरिए दर्ज करा सकेंगे। वहीं किसानों को और सुविधा देते हुए हफ्ते में दो दिन सोमवार और गुरुवार पटवारी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर बैठेंगे और लोगों की समस्याओं का निपटारा करेंगे।