को-वैक्सीन का ट्रायल शुरू, भोपाल में एक शिक्षक को दिया गया पहला डोज

प्रदेश का पहला डोज दोपहर दो बजे शहर के ही एक निजी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक को दिया गया। पहले दिन 18 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया| लेकिन प्रक्रिया लंबी होने से केवल 7 लोगों को ही टीका लगाया गया|

CONGRESS

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में कोरोना (Corona) के बढ़ते संक्रमण के बीच राहत की खबर है| को-वैक्सीन (covaxin) के तीसरे फेज की ट्रायल आज पीपुल्स अस्पताल भोपाल (Peoples hospital) में शुरू हो गई है। शुक्रवार को सात लोगों को कोरोना को-वैक्सीन का ट्रायल डोज (Trial Doze) दिया गया है। प्रदेश का पहला डोज दोपहर दो बजे शहर के ही एक निजी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक को दिया गया। पहले दिन 18 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया| लेकिन प्रक्रिया लंबी होने से केवल 7 लोगों को ही टीका लगाया गया|

टीका लगाने के बाद देर शाम तक सातों की तबीयत पूरी तरह ठीक थी। एक सप्ताह बाद इन सातों लोगों की जांच की जाएगी। शनिवार से अधिक लोगों को ट्रायल डोज देने की तैयारी कर ली गई है। ट्रायल के लिए आवेदन करने वालों से सहमति पत्र लेकर ट्रायल के लिए तय गाइड लाइन के अनुरूप उनकी स्वास्थ्ा जांचें की गईं। इनमें से सात लोग ट्रायल डोज के लिए फिट पाए गए थे।

वैक्सीन लगवाने वालों में डॉक्टर, शिक्षक, किसान और कारोबारी और एक महिला शामिल हैं। भोपाल में दो हजार लोगों पर ट्रायल किया जाएगा। इनमें से एक हजार लोगों को ट्रायल वैक्सीन के डोज लगेंगे।