कलेक्टर का एक्शन- SDM सहित 53 अधिकारियों पर ठोका जुर्माना, लगाई फटकार

साथ ही कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण के आदेश दिए हैं।

जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के साथ अधिकारियों की बैठक में सख्त निर्देश मिलने के बाद अब कलेक्टर (collector) द्वारा अधिकारियों पर कार्रवाई जारी है। ऐसी ही घटना अब जबलपुर (jabalpur) जिले से सामने आई है। जहां कलेक्टर कर्मवीर शर्मा (karmveer sharma) ने कार्य को गंभीरता से न लेने पर एसडीएम (SDM) सहित 53 अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही उन्हें कड़े निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) नंबर पर आए जनता के शिकायतों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए। बावजूद इसके अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। सीएम हेल्पलाइन पर 450 से अधिक शिकायतों की लंबित होने पर कलेक्टर ने जिले के एसडीएम सहित 53 अधिकारियों पर जुर्माना ठोका है। इन अधिकारियों में तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी भी शामिल है। जिन पर 100 रूपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण के आदेश दिए हैं।

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हालांकि इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन नंबर पर आ रही शिकायतों में अधिकतर छात्रवृत्ति संबंधी शिकायतें हैं। पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं के तहत छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। इसकी शिकायतें भी सीएम हेल्पलाइन नंबर पर आ रही है। वहीं शासन की तरफ से बजट (budget) ना मिलने की वजह से छात्रवृत्ति देने में देरी हो रही है। जिनका खामियाजा अधिकारियों को भुगतना पड़ रहा है।

बता दे कि पिछले कुछ दिनों से सीएम हेल्पलाइन नंबर पर और अनुसूचित जाति-जनजाति के हजारों विद्यार्थियों द्वारा योजनाओं के तहत छात्रवृत्ति लाभ नहीं मिल पाने की शिकायत का अंबार लगा हुआ है। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रदेश में हॉस्टल नहीं खोले जा रहे हैं। इसके साथ ही विद्यार्थी बाहर किराए का कमरा लेकर रहने को विवश है। जिसके बाद शासन की योजनाओं के तहत उन्हें किराए के मकान के लिए आवास योजना के तहत किराया दिया जाता था। जिसका पैसा ना आने की वजह से विद्यार्थी परेशान हैं। साथ ही उन्हें छात्रवृत्ति योजना का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।