मप्र युवा कांग्रेस

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव (Byelection) के नतीजे मंगलवार को आ जाएंगे| नतीजों को लेकर कांग्रेस (Congress) पहले से ही सतर्क हो गई है| एक तरफ मतगणना (Counting) को लेकर रणनीति बनाई गई है, वहीं नतीजों के बाद की स्थिति को लेकर भी कांग्रेस अलर्ट है और सभी विधायकों (MLA’s) को एकजुट रखने की कोशिश की जा रही है|

मार्च में महीने में हुए सियासी उलटफेर में कांग्रेस को तब बड़ा झटका लगा था जब एक साथ 22 विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया, बाद में तीन और विधायक ने भाजपा का दामन थाम लिया| इस बार कांग्रेस को चूक नहीं करना चाहती है| जिसके चलते नतीजे आने से पहले कांग्रेस अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने में जुट गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने 11 नवंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है| सोमवार से विधायकों का भोपाल पहुंचना शुरू हो जाएगा और मंगलवार तक सभी विधायक आ जाएंगे।

विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को नतीजों के बाद विधायकों के दल बदल की आशंका है| कमलनाथ बीजेपी पर विधायकों को प्रलोभन देने के आरोप लगा चुके हैं| ऐसे में विधायकों पर नजर रखी जा रही है| सूत्रों के मुताबिक कुछ पूर्व मंत्रियों को विधायकों के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है। विधायकों को एकजुट रखने के लिए भोपाल बुलाया गया है|

कोडिंग डे के लिए तैयारी, गड़बड़ी की आशंका पर अलर्ट
इधर, मतगणना में गड़बड़ी की आशंका को लेकर भी कांग्रेस सतर्क है| प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मतगणना को लेकर कार्यालय में तैयारी की है। यहां टीवी लगाई गई है जहाँ सभी बैठकर चुनाव परिणाम देखेंगे और मतगणना पर नजर रखेंगे| कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी सुबह से प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे। इसको लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी और उम्मीदवारों को मतगणना से पहले इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की सील देखने और नंबर का मिलान करने को कहा गया है| निर्देश दिए गए हैं कि काउंटिंग के हर चक्र के बाद परिणाम की सत्यापित प्रतिलिपि लें। जहां कहीं भी मतगणना में गड़बड़ी नजर आए तो लिखित में शिकायत दर्ज कराएं|