Electricity

देवास। अमिताभ शुक्ला।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने बीजेपी जिला अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल को पत्र लिखा। पत्र के माध्यम से बढ़ते बिजली बिलों से परेशान लोगों के लिए जनसुनवाई करने की मांग की। पत्र के माध्यम से कहा अनाप-शनाप बिजली बिलों के कारण जनता परेशान है। जल्द ही बीजेपी जिला अध्यक्ष, देवास सांसद और विधायक को अपने कार्यालय में जनसुनवाई करना चाहिए। बीजेपी ने पलटवार किया। बीजेपी अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल ने कहा – हम तो हमेशा जनता के बीच में रहते हैं और जनता की सुनवाई करते हैं। बिजली बिलों के लिए जल्द ही समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। विद्युत मंडल के अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उपचुनाव में भी विद्युत बिल बड़ा मुद्दा बन सकता है।

बढ़े हुए बिजली के बिलों को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है , लॉकडाउन के चलते मार्च-अप्रैल और मई माह के बाद एक से डेढ़ माह के बिल जो कि काफी बड़े हुए आए । उसको लेकर उपभोक्ता भी परेशान हैं और विद्युत मंडल के बाहर बिलों को कम करवाने और बिलों की समस्या को लेकर लंबी-लंबी लाइने लगती हुई नजर आ रही है । उसी को लेकर अब बीजेपी और कांग्रेस भी आमने-सामने हो गई है । कांग्रेस के शहर अध्यक्ष मनोज राजानी में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल को एक पत्र लिखा और उस के माध्यम से अवगत कराया कि बीजेपी को जनता की समस्याओं के लिए अब जनता दरबार लगाना चाहिए और जनसुनवाई करना चाहिए । पत्र में यह भी लिखा गया कि विद्युत बिल अनाप-शनाप आए हैं जिसके कारण गरीब मध्यमवर्गीय लोग परेशान हो रहे हैं । साथ ही उनकी समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है , जिस समस्या का निराकरण बीजेपी के जनप्रतिनिधियों बीजेपी जिला अध्यक्ष देवास विधायक गायत्री राजे पवार और सांसद महेंद्र सोलंकी को अपने कार्यालय में जनसुनवाई करके करना चाहिए। साथ ही विद्युत मंडल को भी निर्देश देना चाहिए कि भारी भरकम बिलों पर जनता को छुटकारा दे।

वही पत्र सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है , उधर जब बीजेपी जिला अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल से इस पत्र के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तो जनता की सेवा के और जनता के बीच हमेशा हम लोग रहते हैं । कार्यालय पर भी 5 से 6 घंटे बैठकर जन समस्या का निराकरण करते हैं । साथ ही हमने विद्युत मंडल के अधिकारियों को निर्देश भी दे दिए हैं , कि बढ़े हुए बिलों को उचित निराकरण करें और इसके लिए समस्या निवारण शिविर भी जल्द ही लगाया जाएगा । बड़े विद्युत बिलों को लेकर अब जहां बीजेपी कांग्रेस सामने होती हुई नजर आ रही है , वहीं पत्र के जरिए सियासत भी होती नजर आ रही है। गौरतलब है कि 24 सीटों पर उपचुनाव सामने है और उससे पहले बिजली और बिजली के बढ़े हुए बिल एक बड़ा मुद्दा चुनाव में भी बन सकते हैं।