रजत शिलालेख और 7 नदियों का जल लेकर अयोध्या जाएगी कांग्रेस, आज निकाली रामपथ यात्रा

इंदौर, आकाश धोलपुरे 

अयोध्या में शिलान्यास के पहले देशभर में भगवान राम पर राजनीति भी गरमाई हुई है। सियासत के मंझे हुए खिलाड़ी अपने – अपने तरीको से भगवान राम और उनकी जन्मभूमि पर हो रहे शिलान्यास को लेकर अपने अपने प्रयास कर रहे है ताकि जनता की नजरों में वो ही भगवान राम के सच्चे सेवक के रूप में नजर आये। भगवान राम पर किसी का कॉपी राइट तो नही है लेकिन मध्यप्रदेश में कमलनाथ के हनुमान चालीसा पाठ और कांग्रेस की रथ यात्रा ने एक दिन पहले ही सियासी हलचलों को तेज कर दिया है।

दरअसल, रामजन्मभूमि अयोध्या में 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास करेंगे और इसीलिये कल का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में मध्यप्रदेश में अब कांग्रेस भी रामभक्ति में लगी है जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ आज हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे है और उन्होंने प्रदेशभर में कांग्रेसियों से आज के दिन भगवान हनुमान का पाठ करने को भी कहा। इधर, राम पर अब इस तरह से राजनीति शुरू हो गई है मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के गीता भवन में तो कांग्रेस के प्रदेश सचिव विवेक खंडेलवाल ने भगवान राम की पूजा कर उनके शिलालेख की भी आरती विधि विधान से कर दी वही कांग्रेस ने रामपथ यात्रा शहर में निकाली। कांग्रेस इसी माह बाइक पर सवार होकर इंदौर से भगवान राम का रजत शिलालेख और 7 नदियों के जल को भी अयोध्या ले जाएगी। फिलहाल, रामन्दिर के निर्माण की आधारशिला रखे जाने से समूचा देश खुश है लेकिन मध्यप्रदेश में अब भगवान राम पर राजनीति गरमाई हुई है।

कांग्रेस के प्रदेश सचिव विवेक खंडेलवाल ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के निर्देश पर आज कांग्रेस ने इंदौर में शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में गीता भवन स्थित राम मंदिर पर भगवान राम का पूजन मंत्रोच्चार के साथ किया है इसके साथ ही रामपथ यात्रा राजबाड़ा तक निकाली गई। कांग्रेस अगस्त माह में ही बाइक पर सवार होकर इंदौर में रखे भगवान राम का रजत शिलालेख और 7 नदियों के जल को भी अयोध्या ले जाएगी। जय जय श्री राम के उद्गोष के साथ भगवान राम का पूजन करने वाले कांग्रेसियों की माने तो सन 1989 मे देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गांधी जी ने अयोध्या में राम मंदिर के ताले खुलवा कर राम मंदिर का शिलान्यास करवाया था आज 31 साल बाद राम मंदिर निर्माण हो रहा है। पूरा देश माननीय उच्च न्यायलय के आदेश के बाद मंदिर निर्माण से खुश है।