Corona Crisis: MP के 10 लाख कर्मचारियों को लग सकता है झटका

पीएम किसान सम्मान निधि योजना

भोपाल।
मध्यप्रदेश (MP) के 10 लाख कर्मचारियों (Government Employee) को झटका लग सकता है। खबर मिल रही है कि कोरोना संकटकाल और वित्तीय स्थिति ठीक ना होने के चलते प्रदेश की शिवराज सरकार (shivraj sarkar) DA और इंक्रीमेंट रोक सकती है। वित्त विभाग ने पांच दिन पहले ही आईएफएमएस सॉफ्टवेयर (IFMS Software) से इंक्रीमेंट ऑप्शन को ब्लॉक कर दिया था, ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि सरकार इस पर रोक लगा सकती है।माना जा रहा है कि अगस्त से पहले वित्त विभाग इस संबंध में आदेश जारी कर सकता है। इससे पहले सरकार मंहगाई भत्ते के भुगतान और सातवें वेतनमान के एरियर्स पर भी रोक लगा चुकी है।वही सुत्रों की माने तो मुख्यमंत्री शिवराज कोरोना पॉजिटिव हो गए है, ऐसे में मामला कुछ दिन और टालता नजर आ रहा है।

दरअसल राज्य के 10 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को जुलाई 2020 से 3.3 प्रतिशत इंक्रीमेंट दिया जाना है, इससे राज्य सरकार पर 900 करोड़ रुपए अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, इसे देखते हुए वित्त विभाग ने पांच दिन पहले ही आईएफएमएस सॉफटवेयर से इंक्रीमेंट ऑप्शन को ब्लॉक कर दिया था, अगर सरकार की तरफ से कर्मचारियों को एरियर्स और इंक्रीमेंट नहीं दिया जाएगा, तो उन्हें प्रतिमाह 3 से 4 हजार रुपए का नुकसान होगा।वहीं, आईएफएमएस सॉफटवेयर से इंक्रीमेंट ऑप्शन के ब्लॉक किए जाने से ट्रेजरी अफसरों ने वित्त विभाग को पत्र लिखा है, साथ ही साथ वेतन और भत्तों पर लगने वाले ट्रेजरी की भी शिकायत की है।

इस देरी के चलते कर्मचारियों में निराशा है।बीते समय मे कोरोना संकट को देखते हुए कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की तीसरी और अंतिम किस्त का एरियर देने पर सरकार ने रोक लगा रखी है।अबतक मई में मिलने वाले सातवें वेतनमान की तीसरी किश्त भी अटकी हुई है। अब जुलाई 2020 के वेतन में होने वाली वार्षिक वेतन वृद्घि को लेकर अभी तक शासन के कोई दिशा-निर्देश नहीं आने से कर्मचारियों में चिंता है।