कोरोना ने तलाक के 3 साल बाद पति-पत्नी को फिर मिलाया, सास की कोशिश से बसा घर

भोपाल

कोरोना के दौरान लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस के दौर में ऐसे कई किस्से सामने आए जहां प्रेम करने वालों के बीच दूरियां बढ़ी है। इस दौरान कई तय हुई शादियां टाली गई, और अगर कहीं शादी हुई भी तो बेहद सादगी से। ये एक ऐसा समय है जिसने प्यार करने वालों की मुलाकातों पर रोक लगाई और कई दिलों को जुदाई का दर्द दिया।

लेकिन इसी कोरोना काल ने बिछड़े हुए पति-पत्नी को एक कर दिया है। ये मामला है भोपाल का, जहां तीन साल पहले तलाक ले चुका जोड़ा फिर से एक हो गया। दरअसल सिंधी कॉलोनी के इस दंपत्ति की शादी 2012 में हुई थी, एक साल बाद दोनों के घर एक प्यारी बिटिया का जन्म हुआ। लेकिन फिर कुछ समय बाद पति-पत्नी में विवाद होने लगे। पत्नी की शिकायत थी कि पति उसे समय नहीं देता है, वहीं इन विवादों की एक वजह सास भी थी जो दोनों के बीच दखलअंदाज़ी करती थी। मामला बिगड़ने लगा और नौबत मारपीट तक जा पहुंची। आखिरकार 2017 में दोनों ने तलाक ले लिया, हालांकि तलाक से पहले फैमिली काउंसलर द्वारा कोशिश की गई कि आपसी सुलह से मामला संभल जाए, लेकिन ऐसा हो न सका। तलाक के समय उनकी बेटी चार साल की थी।

अब कोरोना के चलते लॉकडाउन में पति के पास भरपूर वक्त था और इस दौरान उसकी मां ने देखा कि बेटा हमेशा पुरानी यादों और एल्बम में खोया रहता है। वो बार बार अपनी शादी और बेटी की फोटो देखता रहता और अपने कमरे से सिर्फ खाने के समय बाहर निकलता। बेटे की ये हालत मां से देखी नहीं गई और उसने तलाक के समय जिसने काउंसलिंग की थी उस काउंसलर को फोन लगा दिया। फोन पर काउंसलर ने कहा कि अगर पूर्व पत्नी ने दुबारा शादी न की हो तो इनकी फिर से शादी हो सकती है। बस ये सुनते ही मां ने ठान लिया कि वो अपने बेटे के जीवन में फिर से खुशियां लौटा लाएगी।

इसके बाद वो अपनी पूर्व बहू के घर पहुंची और उसे मनाने की कोशिश करने लगी। अचानक सास को घर आया देख पहले तो बहू हड़बड़ा गई, शुरू में उसने साफ इनकार भी कर दिया। लेकिन सास ने मानो वहां धरना ही दे दिया। सास ने बहू से कहा कि उसका बेटा अब भी उसे बेहद प्यार करता है, और अगर तुम भी उसे प्यार नहीं करती होती तो अब तक दूसरी शादी कर चुकी होती। सास ने समझाया कि इस कोरोना के समय हमें समझ आ रहा है कि रिश्ते कितने अहम हैं और अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरे बाद बेटे का खयाल कौन रखेगा। सास ने अपनी गलतियों के लिये माफी भी मांगी और लगातार छह दिन तक बहू को मनाती रही। आखिरकार बहू का दिल भी पिघल गया और उसके माता-पिता ने भी रजामंदी दे दी। जिसके बाद रविवार को एक बार फिर पूर्व दंपत्ति शादी के बंधन में बंध गए और पति अपनी पत्नी और बेटी को लेकर घर लौट आया। इस तरह कोरोना काल ने एक टूटे हुए परिवार को फिर से जोड़ दिया।