Corona : प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार तेज, स्वास्थ्य मंत्री ने कही ये बात

प्रदेश में अब तक 3237 लोगों ने अपनी जान गवा दी है। जबकि 1 लाख 85 हजार 013 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं। वहीं प्रदेश में करीब 15 हजार लोगों का इलाज जारी है।

कृषि मंत्री

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में एक बार फिर कोरोना (corona) अपने पांव पसार रहा है। राजधानी भोपाल (bopal) में जहां बीते 10 दिनों में संक्रमण के 3000 से अधिक मामले सामने आए हैं। वहीं इंदौर (indore) में हालत और ज्यादा बिगड़ रही है। 1 दिन में 1500 से अधिक संक्रमित मामले सामने आने पर राज्य सरकार ने भी चिंता जाहिर की है।

दरअसल मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 2 लाख के पार पहुंच गया है। वहीं पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 1600 से अधिक मामले सामने आए हैं। अब इस मामले में मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी (Prabhuram Chaudhary) ने भी स्वीकार किया कि नवंबर के तीसरे सप्ताह में संक्रमण की रफ्तार में तेजी आई है। इसके साथ उन्होंने कहा है कि लोगों को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी ने कहा कि प्रदेश के जिन जिलों में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। वहां नाइट कर्फ्यू (night curfew) लगाने का निर्णय लिया गया। वहीं प्रदेश के 50% से अधिक संक्रमित मरीज घर पर ही इलाज की सुविधा ले रहे हैं। दिसंबर में संक्रमण के बढ़ने के आसार हैं। जिसको रफ्तार को देखते हुए सरकार सख्त निर्णय ले रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कहा है कि प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार को रोकने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

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इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया है कि कोरोना संक्रमित जिलों में ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं मास्क ना लगाने ओर गाइडलाइन को तोड़ने पर ओपन जेल का दण्ड तय किया गया है। प्रदेश में कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल का कार्य जारी है। वैक्सीन की पहली खेप भोपाल पहुंच गई है। जहां प्रदेश के एक शिक्षक को पहली डोज दी गई है। वही आज अन्य वॉलिंटियर्स को भी वैक्सीन के डोज दिए जाएंगे।

बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर जैसे जिलों ने संक्रमण की रफ्तार तेज है। वहीं प्रदेश में अब तक 3237 लोगों ने अपनी जान गवा दी है। जबकि 1 लाख 85 हजार 013 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं। वहीं प्रदेश में करीब 15 हजार लोगों का इलाज जारी है।