नशे के सौदागरों पर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, युवाओं को बर्बाद कर रहा 170 रुपए का इंजेक्शन

2 दवाएं मिलाकर करते थे डोज तैयार, एक ही सिरींज कइयों को लगाई, बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के मेडिकल से खरीदे जा रहे थे इंजेक्शन, क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार को कार्रवाई कर 4 लोगों को पकड़ा है। प्रतिबंध के बाद भी इंजेक्शन बेचने वाले मेडिकल संचालक को भी गिरफ्तार किया है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के ड्रग माफिया (Drug Mafiya) के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश के बाद क्राइम ब्रांच भोपाल (Crime Branch Bhopal) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशे के इन्जेक्शन का व्यापार करने वाले गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है| आरोपी 170 रूपये प्रति इन्जेक्शन के रूप में युवाओं को धीमा जहर बेच रहे थे| क्राइम ब्रांच ने राजधानी के ऐशबाग और छोला क्षेत्र से नशे के इन्जेक्शन (Drugs Injection) को भोपाल शहर में बेचने का व्यापार करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

डीआईजी भोपाल इरशाद वली ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों के कब्जे से (Buprenorphine injection) और (Pheniramine injection) नामक नशे के 184 इन्जेक्शनो व 200 नीडल जब्त किया है। यह इन्जेक्शन नारकोटिक्स ड्रग की श्रेणी में आता है, आरोपियों द्वारा युवा पीडी के छात्रो विशेष रूप से कॉलेज, स्कूलों और हास्टलों में रहने वाले युवाओं को ऊंचे दामो में बेची जा रही थी। इस नशे की लत से युवा पीडी के साथ-साथ नशे की चपेट में आने वाले व्यक्ति आर्थिक और शारीरिक रूप से कमजोर होकर अपना भविष्य खराब करते है जिससे कई परिवार बर्बाद हो जाते है जिससे समाज में अपराध पनपता है। क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार को कार्रवाई कर 4 लोगों को पकड़ा है। प्रतिबंध के बाद भी इंजेक्शन बेचने वाले मेडिकल संचालक को भी गिरफ्तार किया है।

नशे के सौदागर ऐसे चढ़े हत्थे
डीआईजी ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि कुछ लोगों की गेंग शहर में नशे के इन्जेक्शनों को युवाओं और अन्य लोगों को ऊंचे दोमों में बेचकर नशे का कारोबार चलाने का कार्य कर रहे है| यह कारोबार शहर के ऐशबाग और छोला क्षेत्र से संचालित हो रहा था| मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच भोपाल की टीम गठित की गई। क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा एक पुन्टर को ग्राहक बनाकर नशे का इन्जेक्शन खरीदने भेजा गया। पुन्टर द्वारा नशे का इन्जेक्शन खरीदने के उपरांत क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा दबिश दी गई । जिसमें मय आरोपी के भारी मात्रा में निडिल/इन्जेक्शन और डिस्पोजेबल सिरींज बरामद की गई। साथ ही आरोपी रोहित कुचबंदिया एवं सुमित कुचबंदिया निवासी थाना कैची छोला द्वारा मौके पर ही नशे का इन्जेक्शन नस में लगाने का कार्य किया जाता था।

2 दवाएं मिलाकर करते थे डोज तैयार, एक ही सिरींज कइयों को लगाई
क्राइम ब्रांच ने मौके डिस्पोसेबल सिरींज भी बरामद की गई है। इन इन्जेक्शन का कोई वैध प्रमाणित लायसेंस नहीं होना पाया जाने से आरोपियों के कब्जे से सभी नशे के इन्जेक्शन को जप्त किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनो तरह के इन्जेक्शन को मिलाकर 04 एम.एल. का एक डोज बनाया जाता था। जिसको मिलाकर सिरींज के द्वारा नस में लगाया जाता था। इसमें यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि एक ही सिरींज का उपयोग कई व्यक्तियों के लिये किया जाता था। जो कि अन्य बीमारी फैलाने में भी घातक होता है।

इसी क्रम में थाना ऐशबाग क्षेत्र में भी क्राइम ब्रांच ने दबिश दी। जिसमें आसिफ पिता बबलू निवासी बागफरतअफजा ऐशबाग भोपाल के कब्जे से घटना स्थल से भारी मात्रा में निडिल/इन्जेक्शन और डिस्पोजेबल सिरींज बरामद की गई। यहां पर भी इन्जेक्शन खरीदने वाले व्यक्ति को मौके पर ही इन्जेक्शन नस में लगाया जाता था| दोनो इन्जेक्शन डॉक्टर से चर्चा अनुसार मादोउत्तेजक की श्रेणी में आते है। साथ ही बिना डॉक्टर प्रीस्कृप्शन के यह इन्जेक्शन खरीदना प्रतिबंधित है। यदि किसी व्यक्ति के द्वारा उपरोक्त दोनो इन्जेक्शनों को मिलाकर 02 एम.एल. से ऊपर डोज लिया जाता है तो यह मानव जीवन के लिये घातक होता है।

बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के मेडिकल से खरीदे जा रहे थे इंजेक्शन
आरोपियों द्वारा सिल्वर मेडिकल स्टोर बजरिया से नसे के इन्जेक्शन बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिब्शन के खरीदे जा रहे थे। इस संबंध में मेडिकल स्टोर के विक्रेता अनिल बलवानी पिता गुरूमुखदास निवासी लालघाटी को भी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जा रही है।

इनको किया गिरफ्तार
-रोहित कुचबंदिया पिता हरी कुचबंदिया उम्र 28 साल निवासी गणेश मंदिर के पास कैचि छोला भोपाल।
-सुमित कुचबंदिया पिता श्री बबलू उम्र 19 साल निवासी- गणेश मंदिर के पास कैचि छोला भोपाल।
-आसिफ पिता बबलू उम्र 19 साल निवासी – बागफरतअफजा भोपाल।
-अनिल बलवानी पिता गुरूमुखदास उम्र 32 साल निवासी लालघाटी भोपाल (मेडिकल स्टोर का संचालक)।