Gwalior News : डबरा CMO निलंबित, प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना में लापरवाही पड़ी भारी

कलेक्टर ने सहायक संचालक उद्यानिकी को आगाह किया कि यदि जल्द ही इस योजना में अच्छी प्रगति नहीं आई तो उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा।

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना।  प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना एवं “एक जिला एक उत्पाद” सहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का पारा उस समय गरम हो गया जब उनके सामने एक के बाद एक कई लापरवाही सामने आई।  कलेक्टर ने प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के प्रति उदासीन नगर पालिका डबरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेश पुरोहित को निलंबित कर दिया साथ ही नगर निगम ग्वालियर के अपर आयुक्त मुकुल गुप्ता व जिले के उन नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगले तीन दिन में प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के तहत लक्ष्य के अनुसार वितरण नहीं हुआ तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी। साथ ही सर्विस बुक में भी विपरीत टिप्पणी दर्ज कराई जायेगी।

Gwalior News : डबरा CMO निलंबित, प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना में लापरवाही पड़ी भारी

ग्वालियर कलेक्टर  कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अंतरविभागीय समन्व्य बैठक लेकर प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना एवं “एक जिला एक उत्पाद” सहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। योजना की समीक्षा के दौरान डबरा सीएमओ महेश पुरोहित की उदासीनता सामने आने पर कलेक्टर श्री सिंह ने डबरा सीएमओ पुरोहित को कड़ी फटकार लगाई  और निलंबित कर सीएमओ का प्रभार उपयंत्री धर्मेन्द्र भदौरिया को सौंपने के निर्देश दिए। आदेश में कहा गया कि निलंबन अवधि में पुरोहित का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय डबरा रहेगा।

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सहायक संचालक उद्यानिकी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति की चेतावनी 

“एक जिला एक उत्पाद” की समीक्षा के दौरान कलेक्टर के सामने बात आई कि उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत आलू प्रसंस्करण इकाईयों के बैंकों के माध्यम से लोन प्रकरण की स्वीकृति और लोन वितरण में हो रही देरी हो रही है इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने सहायक संचालक उद्यानिकी को आगाह किया कि यदि जल्द ही इस योजना में अच्छी प्रगति नहीं आई तो उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा। कलेक्टर ने “एक जिला एक उत्पाद” के तहत स्टोन पार्क में नई इकाई शुरू करने वाले उद्यमियों को प्रमुखता से पत्थर – फर्सी के खनन पट्टे दिलाने के निर्देश जिला खनिज अधिकारी को दिए। साथ ही जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारी को भी निर्देश दिए कि स्टोन पार्क में इकाई स्थापित करने के इच्छुक लोगों को सरकार की मंशा के अनुरूप हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाए।बैठक में सीएम हैल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन के लिये चयनित विषय, जनसुनवाई व समय-सीमा के लंबित पत्रों के निराकरण की समीक्षा भी बैठक में की गई।

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नवाचारों की प्रगति भी जानी

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में अगले महीनों में मूर्तरूप लेने जा रहे नवाचारों की प्रगति की जानकारी भी  ली। गौरतलब है कि कलेक्टर श्री सिंह की पहल पर शिक्षा विभाग द्वारा मॉडल स्कूल, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार व नौकरी के लिये प्लेटफार्म और सभी आंगनबाड़ी भवनों में सोलर लाइट, स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रथम चरण में शहर के 35 वार्डों में संजीवनी क्लीनिक की तर्ज पर अस्पताल की स्थापना, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा चिन्हित चार छात्रावासों को स्मार्ट छात्रावास बनाना, जिला पंचायत द्वारा बरई, बेरजा, करहिया व छीमक ग्राम पंचायतों को आदर्श ग्राम पंचायत में तब्दील करना और ग्रामीण टूरिस्ट सर्किटों का विकास, नगर निगम द्वारा रेन बसेरा व आश्रय केन्द्र को अत्याधुनिक रूप प्रदान करना और कृषि विभाग द्वारा हर ग्राम पंचायत में किसान लाइब्रेरी की स्थापना इत्यादि नवाचार प्रस्तावित किए गए हैं।

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डबरा एवं भितरवार क्षेत्र में खाद का अतिरिक्त भण्डारण कराएँ

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सहकारिता, कृषि व नागरिक आपूर्ति निगम विभाग सहित खाद वितरण से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि डबरा एवं भितरवार क्षेत्रों में धान की कटाई होते ही किसानों को डीएपी व यूरिया सहित अन्य खादों की जरूरत पड़ेगी। इसलिए उस क्षेत्र की प्राथमिक साख सहकारी संस्थाओं में खाद का पर्याप्त भण्डारण कराएँ, जिससे किसानों को खाद मिलने में दिक्कत न हो। उन्होंने सभी प्राइवेट खाद दुकानों से कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में खाद वितरण कराने पर विशेष बल दिया, साथ ही कहा कि खाद वितरण में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।