भोपाल।

राजधानी में कोरोना(corona) के बढ़ते मामले के बीच अब शिवराज सरकार(shivraj government) ने करीब 80 दिन के बाद भोपाल(bhopal) में 15 जून से सभी धर्मस्थल खोलने का फैसला किया है। जिसको लेकर जिला प्रशासन एवं धर्मगुरुओं के बीच बैठक की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 15 जून से सभी धर्म स्थलों को खोल दिया जाएगा। हालाकि इसके बाद लोगों को केंद्र के द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करना होगा।

दरअसल राजधानी भोपाल में 15 जून से कंटेनमेंट इलाके(containment zone) को छोड़ सभी क्षेत्र में धर्म स्थल खोल दिए जाएंगे। भक्तों को मंदिर प्रवेश पर छूट होगी किंतु मूर्ति एवम् धार्मिक ग्रंथों को स्पर्श करने की इजाजत नहीं होगी। मंदिर में अधिक भीड़ इकट्ठा कर भजन गाने की अनुमति नहीं होगी। सभी तरह के लॉडस्पीकर(loudspeaker) बजाने पर रोक रहेगी और धार्मिक स्थलों में किसी भी प्रकार का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा। भक्त पूजा सामग्री लेकर मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

भक्तों के लिए निर्देश

वही धर्म स्थलों को लेकर प्रशासन द्वारा कुछ निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग गर्भवती महिला और 10 साल से कम उम्र के बच्चे को घर पर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन(administration) द्वारा हिदायत दी गई है कि सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटाइजर(sanitizer), ग्लव्स, मास्क(mask) और सोशल डिस्टेंसिंग(social distancing) अनिवार्य होगा। वही मंदिर के पुजारी कर्मचारियों एवं श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने को कहा गया है।

धार्मिक स्थलों के लिए निर्देश 

इसके साथ ही प्रशासन ने धार्मिक स्थलों के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था होगी। कोरोना के सामान्य लक्षण दिखने पर भी लोगों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मास्क अथवा फेस खबर लगाए बिना धार्मिक स्थलों में प्रवेश वर्जित होगा। धर्म स्थलों पर लगी कतार में 6 फीट की दूरी अनिवार्य होगी।