जिला अस्पताल की लापरवाही, पैदल घर के लिये निकले परिवार की मीडियकर्मियों ने की मदद

डिंडोरी।प्रकाश मिश्रा।

कोरोना संक्रमण के चलते सामाजिक दूरी बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में आवागमन के साधनों, खासतौर से यात्री वाहनों पर पूर्णत प्रतिबंध लगा हुआ है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने इलाज के लिए आने और जाने में अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।ग्रामीण क्षेत्र से आमजन बीमारी के इलाज के लिए किसी तरह से जिला अस्पताल तक तो पहुंच जाते हैं किंतु जिला अस्पताल से उनके घर तक पहुंचने के लिए कोई साधन यहां उपलब्ध नहीं हो पाता।

ऐसा ही एक मामला रविवार को सामने आया जहां शनिवार की देर रात इलाज के लिए जिला अस्पताल आए लखनपुरा ग्राम के एक परिवार को स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद रविवार की सुबह डिस्चार्ज कर दिया गया। लेकिन मासूम बच्चों के साथ बुजुर्ग दंपत्ति के सामने समस्या तब खड़ी हो गई। जब उन्हें उनके घर पहुंचने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं हुआ। बुजुर्ग झामा यादव और बल्ली बाई की मानें तो उसने अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारियों के सामने हाथ पैर जोड़े, विनती की लेकिन अस्पताल के इन संवेदनहीन लोगों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि स्वास्थ्य विभाग की गाड़ियां सिर्फ मरीज को उसके घर से अस्पताल लाने के लिए होती है। उन्हें घर तक छोड़ने के लिए उनके पास कोई साधन नहीं है। मासूम बच्चों के साथ घंटों इंतजार करता यह परिवार जब थक हार गया तो अंततः पैदल ही अपने ग्राम की ओर निकल चला ।बता दें कि जिला मुख्यालय से मरीज परिवार के ग्राम की दूरी लगभग 45 से50 किलोमीटर है।

मीडिया कर्मियों ने की मदद

इसी बीच इस पीड़ित परिवार की जानकारी मीडिया कर्मी प्रकाश मिश्रा ,प्रदीप सिंह राजपूत एवं दीपक नामदेव को लगी तब इन मीडिया कर्मियों ने पीड़ित परिवार की तलाश शुरू की। उन्हें ढूंढते हुए समनापुर तिराहा पहुंचे वहां लोगों ने बताया कि मासूम बच्चों के साथ यह परिवार पैदल ही आगे निकल चुका है। जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार को ढूंढते हुए अपने दो पहिया वाहन से घानाघाट पहुंचे जहा चिलचिलाती धूप में पैदल जाता हुआ यह परिवार मुख्य मार्ग पर मिला ।उन्हें रोककर उनके हाल-चाल जाने तथा वहां से निकल रहे वाहनों को रोककर पूछताछ की और गाड़ासरई की ओर सब्जी लेकर जा रहे एक पिकअप वाहन में इस परिवार को बैठा कर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया। साथ ही उनके खाने-पीने तथा आगे का सफर तय करने के लिए कुछ नगद राशि भी प्रदान की। अपरिचितों से इस प्रकार मदद पाकर भोले-भाले ग्रामीणों के आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने इस मदद के लिए इन्हें धन्यवाद कहा।

बता दें कि यह यादव परिवार शनिवार की देर शाम खाने में छिपकली मिलने के बाद दो मासूम बच्चे और परिवार के बुजुर्ग के अस्वस्थ हो जाने पर इलाज के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र बजागआए थे जहां से उन्हें आगे के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया था।