अंतिम दौर में पहुंची शिवराज मंत्रिमंडल की चर्चा, नामों को लेकर हो रहा मंथन

भोपाल।
लॉक डाउन 4.0 (lock down 4.0)से पहले मध्य प्रदेश(madhypradesh) में शिवराज(shivraj) के मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा अंतिम दौर में पहुंच गई है।खबर है कि आज रविवार को मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों को लेकर प्रदेश कार्यालय में बैठे बीजेपी(bjp) के दिग्गज नेताओं के बीच बैठकों का दौर चला है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(shivraj singh chouhaan) भी बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे और प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा State President BD Sharmaऔर संगठन महामंत्री सुहास भगत Organization General Secretary Suhas Bhagat से चर्चा की।तीनों के बीच बंद कमरे में मंत्रिमंडल के नामों को लेकर सहमति बनाने की कोशिश की गई।शिवराज बैठक से निकल गए और फिर सुहास भगत और वीडी के बीच चर्चा होती रही।

इधर ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट और कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए 22 नेताओं में से 11 को मंत्री पद देने का दबाव है। सूत्रों का कहना है कि 22 से 24 कैबिनेट व राज्य मंत्री बनाए जाने हैं। माना जा रहा है कि पार्टी इसी सप्ताह मंत्री पद के चेहरों को अंतिम रूप दे सकती है। दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए चर्चा हो सकती है, इसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है।

दरअसल, कोरोना संकट के बीच 21 अप्रैल को मध्य प्रदेश में सरकार (governmeny) बनाने के 29 दिन बाद प्रदेश की चौथी बार कमान संभालने वाले सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) के मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। यह मंत्रिमंडल छोटा था और इसमें पांच मंत्रियों को शामिल किया गया था। अब तीसरे लॉक डाउन की समय सीमा समाप्त होने वाली है और चर्चा है कि लॉकडाउन 4 (lockdown 4) की शुरूआत में शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार का विस्तार हो सकता है। दो दिन पहले एक निजी चैनल से चर्चा के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी संकेत दिए थे कि 17 मई के बाद वो अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। वे लगातार पार्टी हाईकमान के संपर्क में हैं। 17 तारीख के बाद इस पर केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन से चर्चा की जाएगी और उसके बाद विस्तार होगा।इसी सिलसिले में आज रविवार को संगठन के साथ बैठकों का दौर जारी है।

संभावना है कि मंत्रिमंडल में 22 से 24 मंत्री हो सकते हैं। इनमें सिंधिया समर्थकों को स्थान मिलने की प्रबल संभावना है, तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को पहले ही मंत्री बनाया जा चुका है।वही मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थकों के साथ भाजपा के बड़े नेताओं को भी जगह मिल सकती है। कई बीजेपी नेताओं के शामिल होने की भी चर्चा है, जिसमें गोपाल भार्गव, भूपेन्द्र सिंह, संजय पाठक, अरविंद भदौरिया और जगदीश देवडा जैसे कई नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि मंत्री पद के लिए नामों पर अंतिम फैसला होने के बाद सूची दिल्ली भेजी जाएगी। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद विस्तार किया जाएगा। अभी विस्तार की तारीख घोषित नहीं की गई है।

बता दे कि 230 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या के लिहाज से मंत्रिमंडल में 15 फीसदी यानी 35 सदस्य ही हो सकते हैं, जिनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। शिवराज समेत अब कैबिनेट में 6 सदस्य हैं। 28 विधायकों को बाद में मंत्री बनाया जा सकता है। फिलहाल मंत्रिमंडल में पांच कैबिनेट मंत्री है