Suicide Attempt : माता-पिता और बेटे ने खाया जहर, आपसी विवाद के चलते उठाया ये कदम

नरवर थाना क्षेत्र के भवरी गांव में एक ही परिवार को तीन माता-पिता और बेटे जहर खाने (Poison Consumption) का मामला सामने आय़ा है। जिन्हें प्राथमिक (First Aid) उपचार के बाद निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है,जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। जिले के नरवर थाना क्षेत्र के भंवरी गांव में एक ही परिवार के माता-पिता और बेटे के जहर (Poison) खाने का मामला सामने आया है। ये घटना सोमवार की  है। जिसके बाद आनन-फानन में तीनों को एक निजी अस्पताल (Private Hospital) में भर्ती (Admit) कराया गया है। मामले में जानकारी लगी है कि सुबह पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर आपस में विवाद (Conflict) हो गया था, जिसके बाद ही उन्होंने जहर खाने (Poison consumption) की घटना को अंजाम दिया है।

भंवरी गांव का मामला

बता दें कि भंवरी गांव के सरपंच का नाम राजेश मकवाना है। गांव में रहने वाले पति राजेश और पत्नी हेमलता के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि पत्नी हेमलता ने जहरीला पदार्थ (Poisonous item)  का सेवन कर लिया। वहीं इस बात से गुस्साए राजेश ने भी अपनी पत्नी के हाथ से जहर का डिब्बा छिनकर खुद भी खा लिया। ये पूरी घटना एक विवाद (Conflict) के चलते हुई है।

विवाद के चलते पति-पत्नी ने खाई जहर

माता-पिता के बीच विवाद के बाद जहर खाने के दौरान ही उनका बेटा पीयूष भी वहां पहुंच गया। जिसे पता चला कि उसके माता-पिता दोनों ने ही जहर का सेवन कर लिया है। जिसके बाद बेटे पीयूष ने कहा कि अगर आप दोनों ही नहीं रहेंगे, तो मैं आखिर जिंदा रहकर क्या ही करूंगा? ऐसा कहते हुए बेटे पीयूष ने भी वहां रखे जहर (Poison) को खा लिया।

आत्माराम ने पोते के मुंह से निकाली जहर की गोली

घटना के बाद आवाज सुनकर राजेश के पिता आत्माराम घर पर पहुंचे, जिन्होंने देखा की उनके बेटे-बहू और पोते ने जहर खा लिया है। इस दौरान पोते पीयूष के मुंह में जहर की गोली थी, जिसे आत्माराम ने तुरंत ही निकाली। जिसके बाद दादा आत्माराम ने गांव के लोगों को आवाज लगाई।

पिता आत्माराम ने दिखाई तत्परता

आत्माराम द्वारा गांव के लोगों को बुलाने पर सभी उनके घर पर इकट्ठा हुए, जिनकी मदद से आत्माराम ने बेटे-बहू और पोते को जिला अस्पताल (District Hospital) पहुंचा। जहां पर प्रारंभिक जांच की गई और बताया गया कि अब स्थिति में सुधार है। जिसके बाद दादा आत्माराम और परिजनों ने तीनों को एक निजी अस्पताल में इलाज के भर्ती करा दिया है। फिलहाल माता-पिता और बेटे की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना में दादा आत्माराम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को समय रहते हुए अस्तपाल में भर्ती कराया, जिसके चलते उनके बेटे-बहू और पोते की स्थिति बेहतर बनी हुई है।