कोरोना काल में शिवराज सरकार ने जनता को पिलाया 30 करोड़ 60 लाख का त्रिकूट काढ़ा

परिवहन विभाग

भोपाल,डेस्क रिपोर्ट। कोरोना महामारी में हमने मंहगाई के कई रूप देखें। कोरोना संक्रमण में इस साल जहां प्याज 100 रुपए किलो बिकी, वही पेट्रोल-डीजल 100 रुपए प्रति लीटर हो गया। ऐसे में मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार के मंत्री का एक बयान ने कांग्रेस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल कांग्रेस के विधायक जीतू पटवारी ने सवाल किया था कि क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि 30 नवंबर 2020 तक त्रिकूट काढ़ा का निर्माण और वितरण पर कितनी राशि खर्च की गई है।

कोरोना काल में शिवराज सरकार ने जनता को पिलाया 30 करोड़ 60 लाख का त्रिकूट काढ़ा

जीतू पटवारी का सवाल

जीतू पटवारी ने यह भी पूछा कि प्रत्येक घर में त्रिकुट वितरण की घोषणा के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक जिले में कितने-कितने पैकेट वितरित किए गए। 30 नवंबर तक कुल कितनी मात्रा में त्रिकुट काढ़ा बनाया गया तथा उसमें उपयोग की गई सामग्री की मात्रा बताएं। वह सामग्री किस दर से किन व्यक्तियों संस्थान से कितनी-कितनी मात्रा में खरीदी गई तथा इसके लिए किस-किस संस्थान की देय राशि कितनी है। त्रिकूट काढ़ा की पैकिंग के लिए 30 नवंबर तक कितने पैकेट किस फर्म से किस दर पर खरीदे गए।

रामकिशोर कावरे का चौंकाने वाला जवाब-

इस बात पर राज्यमंत्री आयुष रामकिशोर कावरे ने जो जवाब दिया वो चौंकाने वाला है, उन्होंने लिखित में जवाब दिया कि 30 नवंबर 2020 तक त्रिकूट काढ़े के क्रय की कुल लागत जीएसटी सहित लगभग 30 करोड़ 64 लाख 48, 308 रुपए है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के अनुसार, 50 ग्राम की पैकिंग के कुल 6 करोड़ 3 लाख 94,000 पैकेट वितरित किए गए हैं।

यह भी पढ़े-मध्य प्रदेश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, इंदौर-भोपाल में 100 से अधिक संक्रमित