Electricity Subsidy: बिजली बिल सब्सिडी को लेकर नए नियम की तैयारी में शिवराज सरकार

जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश सरकार(Government of Madhya Pradesh) ने उपभोक्ताओं को बिजली बिल(Electricity bill) में मिलने वाली सब्सिडी(Subsidy) को लेकर बड़ा फैसला किय। जिससे उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगने वाला है। बिजली बिल की सब्सिडी योजना में अब बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। जिसके तहत अब बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि तभी मिलेगी जब वह अपने पूरे बिजली बिल का भुगतान करेंगे। जिसके बाद बिजली बिल का एक न्यूनतम हिस्सा काटकर शेष रकम सरकार उपभोक्ताओं के अकाउंट(Account) में जमा करेगी। हालांकि यह नियम फिलहाल विदिशा(Vidisha), झाबुआ(Jhabua) और शिवनी(Shivni) जिले में लागू किया जा रहा है। जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश भर में लागू किया जाएगा।

दरअसल प्रदेश सरकार ने बिजली बिल सब्सिडी में एक नया बदलाव करते हुए इसे गैस सिलेंडर की सब्सिडी की तरह व्यवस्थित करने का काम शुरू कर दिया है। बता दें कि पुराने नियम के मुताबिक उपभोक्ताओं की बिजली खपत राशि का एक न्यूनतम हिस्सा करीबन 8% उपभोक्ता बिजली कंपनी बिल को सीधे जमा करते थे और शेष 92% रकम सरकार द्वारा बिजली कंपनियों के अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है। लेकिन नए नियम के मुताबिक गरीब और किसानों को बिजली बिल की पूरी राशि पहले जमा करनी पड़ेगी। जिसके बाद बिजली कंपनियों द्वारा 8% हिस्सा काटे जाने के बाद सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी की 92% राशि को किसानों के खाते में जमा कर दिया जाएगा।

वहीं इस मामले में मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक, आकाश त्रिपाठी ने बताया कि उपभोक्ताओं के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और लैंड रिकॉर्ड से बिजली कंपनी जानकारियां जुटा रही है ताकि इस योजना को ठीक तरीके से लागू किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ये योजना 3 शहरों में लागू किया जाएगा। और उसके आधार पर पूरे प्रदेश भर में इसे लागू किए जाने की योजना है। इस योजना को लेकर किस तरह के कार्यान्वयन किए जाएंगे। इसके ऊपर फिलहाल गाइडलाइन के काम जारी है।

इंदिरा गृह ज्योति और संबल योजना के हितग्राहियों पर इसका प्रभाव

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के लागू होते ही इंदिरा गृह ज्योति योजना और संबल योजना के हितग्राहियों को भी पूरे बिजली बिल का भुगतान करना पड़ेगा। ऐसे बिजली बिलधारक जिनकी खपत 100 यूनिट है। उनकी मौजूदा दर 634 रूपए होती है। पूर्व की योजना के मुताबिक उन्हें सब्सिडी में 100 रूपए का बिल जमा करना होता है किंतु इस योजना के लागू होने के बाद उन्हें बिजली बिल की पूरी राशि यानी 634 रूपए का भुगतान करना होगा। जिसके बाद उनके खपत राशि का 8% हिस्सा काट लेने के बाद शेष 92% हिस्सा यानी 534 रूपए उपभोक्ता के खाते में सरकार द्वारा वापस जमा करवाया जाएगा।

फिलहाल इस योजना पर कार्यान्वयन जारी है। जिसे 2 या 3 माह में शुरू कर दिया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी प्रदेश के फिलहाल तीन शहरों में इसे लागू किया जाएगा। जिसके बाद योजना के ठीक ढंग से लागू होने के बाद इसे पूरे प्रदेश भर में लागू करने की योजना है।

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