शिवराज सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में कर्मचारी संघ, ये है वजह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

कोरोना संकट काल के बीच मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) में जहां एक तरफ अधिकारी-कर्मचारी की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है वहीं दूसरी तरफ राज्य शासन द्वारा कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और वेतन वृद्धि में कटौती से कर्मचारी वर्ग खफा है। जिसके कारण वह जल्दी एक बार फिर शिवराज सरकार(Shivraj government) को घेरने की तैयारी में लगे हैं। हालांकि आंदोलन किस रूप में और कैसे होगा। यह अभी तय नहीं हुआ है। वही इससे पहले 31 जुलाई को कर्मचारी संगठन नरोत्तम मिश्रा(Narottam Mishra) से मुलाकात कर चुका है।

दरअसल कोरोना संकटकाल(Corona crisis) के बीच राज्य शासन द्वारा लगातार कर्मचारियों के वेतन(salary), पेंशन(pension) और वेतन वृद्धि में कटौती(Increment reduction) जारी है। जिसके एक तरफ जहां कर्मचारियों का गुस्सा उबाल पर है वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी संगठन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात कर अपनी परेशानी उनके समक्ष रख चुका है। हालांकि गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की तरफ से वेतन वृद्धि पर स्पष्टीकरण दिलाने का भरोसा दिया गया था। जो फिलहाल अब तक सामने नहीं आया है। इधर प्रदेश के दफ्तरों से हजारों कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं बावजूद इसके अब तक इन पेंशनरों के भुगतान के लिए आदेश जारी नहीं किए गए हैं। जिसकी वजह से कर्मचारियों में गुस्सा साफ है।वहीं दूसरी तरफ दो लाख से अधिक शिक्षकों को रक्षाबंधन के पहले 3 माह के वेतन भुगतान नहीं हुए हैं। जिससे करीबन 50000 शिक्षक वेतन से वंचित है।

बता दें कि इस मामले में मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस के संरक्षक वीरेंद्र खोंगल का कहना है कि वेतन भत्ता नहीं दिए जाने के साथ-साथ वेतन रोकना और वेतन भी अदायगी ना करना इस संक्रमण काल में उन्हें काफी नुकसान पहुंचा रहा है। जिसके लिए वह सरकार को घेरने की तैयारी में है।