पूर्व मंत्री दीपक जोशी की नाराजगी पर लगा विराम, संगठन से माँगी माफ़ी

पूर्व मंत्री जोशी ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया की अंदरूनी नाराजगी के कारण उन्होंने काँग्रेस के नेताओ से सम्पर्क स्थापित किया था।

देवास, सोमेश उपाध्याय। बीते लंबे समय से अपने बयानों व बगावती तेवर से चर्चित हुए प्रदेश के पूर्व मंत्री दीपक की नाराजगी पर छ:माह के बाद अंततः विराम लग ही गया। गुरुवार को सैकड़ो वाहनों के काफ़िले के साथ भोपाल पहुँचे दीपक जोशी(Deepak joshi) ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के समक्ष अपनी ग़लतियो के लिए सार्वजनिकरूप से मंच पर माफ़ी माँग ही ली।

जोशी ने सीएम हॉउस में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में अपने समर्थकों के मध्य सीएम को विश्वास दिलाया कि वे बहक गए थे परन्तु अब पूरे मन से पार्टी व संगठन के साथ है!जोशी ने कहा कि आप मेरे बड़े भाई है छोटे भाई को रूठने का अधिकार है!जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे चार बार चर्चा करि!जोशी ने सीएम के साथ ही संगठन से भी छमा याचना करते हुए कहा कि मेरी व मेरे परिवार की पहचान ही पार्टी से है!इस पार्टी ने जितना मेरे परिवार को दिया उतना शायद ही किसी को दिया होगा!

काँग्रेस से सम्पर्क की बात स्वीकारी 

पूर्व मंत्री जोशी ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया की अंदरूनी नाराजगी के कारण उन्होंने काँग्रेस के नेताओ से सम्पर्क स्थापित किया था।परन्तु अपने नेताओं से समन्वय स्थापित होने व पुराने कार्यकर्ताओ की समझाईश के बाद यह विचार त्याग दिया है!अब वे हॉटपिपल्या ही नही बल्कि साँवेर, और मधान्ता में भी कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर पार्टी को विजय दिलाएंगे!

दीपक का सम्मान बरकरार रहेगा-सीएम

सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कैलाश जोशी का स्मरण करते हुए उनके साथ बिताए कई संस्मरण साँझा करते हुए कहा कि दीपक जोशी श्रधेय जोशी जी की विरासत है।श्रधेय जोशी जी मेरे आदर्श है!जोशी जी की विरासत के अपमान की में कल्पना भी नही कर सकता!दीपक मेरे बचपन के साथी है! मंत्रिमंडल के सबसे जबरदस्त कार्य करने वाले मंत्रियों में दीपक थे!उनका जो सम्मान 2013 से 18 तक था वह बरकरार रहेगा!दीपक को हम साथ लेकर काम करेंगे!आज दीपक ने जिस विनम्रता का परिचय दिया मुझे विश्वस हो गया है कि वे स्व.जोशी जी की विरासत व संस्कार को आगे बढाएंगे!