किसान आंदोलन की आग यहाँ भी पहुंची, किसानों ने किया चक्काजाम

गुरुवार को माकपा के बैनर तले किसान इकट्ठा होकर फूलबाग चौराहे पर पहुँच गए और चक्का जाम कर दिया । किसानों मे यहाँ केंद्र सरकार के बिल को काला कानून बताते हुए जमकर नारेबाजी की

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। केंद्र सरकार द्वारा लाये गए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की माँग को लेकर दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन (Farmers movement) की आग ग्वालियर (Gwalior) भी पहुँच गई है। ग्वालियर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM)के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और मजदूरों ने फूलबाग चौराहे पर चक्काजाम (Chakkajam) किया।

दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को धीरे धीरे देश के अलग अलग हिस्सों के किसानों का समर्थन मिल रहा है। विपक्षी पार्टियां भी किसानों का खुलकर समर्थन कर रही हैं। गुरुवार को माकपा के बैनर तले किसान इकट्ठा होकर फूलबाग चौराहे पर पहुँच गए और चक्का जाम कर दिया । किसानों मे यहाँ केंद्र सरकार के बिल को काला कानून बताते हुए जमकर नारेबाजी की। किसानों के चक्काजाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आंदोलनकारियों को सड़क से हटाने की बहुत कोशिश की लेकिन पुलिस सफल नहीं हुई। माकपा और किसान नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार कृषि बिलों को वापस नहीं लेती तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अभी तो शहर के एक चौराहे पर चक्का जाम किया है यदि सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो गाँव गाँव में आंदोलन होंगे।