24 घंटे के अंदर खाद्य निरीक्षक मनीष स्वामी बहाल, CM को ठंडा खाना देने पर किया था निलंबित

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) की प्रोटोकॉल ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (Food and Drug Administration Department) के खाद्य निरीक्षक मनीष स्वामी (Food Inspector Manish Swamy) को चौबीस घंटे के अंदर बहाल कर दिया गया है।मुख्यमंत्री शिवराज ने खुद निलंबित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बहाल करवाया है।

दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गत इंदौर भ्रमण के संदर्भ में निलंबित किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बहाल करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए है। निर्देशों के पालन के क्रम में कलेक्टर मनीष सिंह ने निलंबित किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी को बहाल कर दिया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि उनके संज्ञान में आया कि उन्हें इंदौर प्रवास के दौरान उपलब्ध कराए गए खाने में रोटियाँ ठंडी होने के कारण संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को पदीय कर्तव्य में लापरवाही मानते हुए निलंबित किया गया था। वे एक साधारण इंसान हैं। उन्हें सूखी रोटियां खाने में भी कोई गुरेज़ नहीं है ऐसे में केवल उनके खाने के कारण किसी अधिकारी पर कार्यवाही हो यह उन्हें उचित नहीं लगता। ज़िलों में भ्रमण के दौरान अगर उन्हें कोई तक़लीफ़ भी होती है तो वे इसे अपने दिल में नहीं लेते हैं। सभी अधिकारी कर्मचारियों से आम जनता के प्रति समर्पित भाव से काम करते हुए पूर्ण मनोयोग से शासकीय सेवा का आह्वान किया है।

ये है पूरा मामला

बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह विधानसभा- 3 में 50 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ करने इंदौर पहुंचे थे ।कार्यक्रमों में व्यवस्थता होने के कारण सीएम खाना नही खा पाए थे और उन्होंने कलेक्टर मनीष सिंह को भोजन की व्यवस्था करने को कहा था। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने सीएम के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के समय के मुताबिक खाना शाम 6 बजे ही बनवा लिया था, लेकिन सीएम दो घंटे लेट हो गए और वे रात नौ बजे के बाद यानि तीन घंटे बाद इंदौर से रवाना हो पाए, इसलिए तब पैक किया हुआ खाना ठंडा हो गया और रोटियां सख्त हो गयी थीं, ठंडी और सख्त रोटियां मिलने पर सीएम शिवराज ने नाराजगी व्यक्त की थी, जिसके बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने खाद्य निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया था। कलेक्टर का कहना था कि प्रोटोकॉल के तहत (Under protocol) जिस गुणवत्ता वाला भोजन होना चाहिए था, उसमें चूक की गई, इसलिए कार्रवाई की गई है। भोजन पैक करते समय पूरे प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ। यह सेवा आचरण नियम के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में स्वामी का मुख्यालय अपर कलेक्टर कार्यालय रहेगा। लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री शिवराज के पास यह सूचना पहुंची उन्होंने 24 घंटे के अंदर उन्हें बहाल कर दिया ।