सत्ता गिरने के बाद पहली बार बोले कमलनाथ- “खरीद-फरोख्त के साथ नहीं बनाना चाहते थे सरकार”

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

15 साल बाद मध्यप्रदेश में बनी कांग्रेस की सरकार महज 15 महीने में ही सत्ताविहीन हो गई। जिसके बाद इस राजनीतिक उलटफेर के लिए कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ(Former Chief Minister Kamal Nath) को ही जिम्मेदार माना गया। पार्टी से बागी हुए नेता कमलनाथ को कोसते रहे। इसके साथ ही बीजेपी(BJP) लगातार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व क्षमता पर सवालिया निशान लगाती रही है। इसी बीच एक मीडिया चैनल से बात करते हुए आज पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कई सवालों के जवाब दिए। कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में अपनी सरकार बचाने के लिए पार्टी खरीद-फरोख्त की राजनीति नहीं करना चाहती थी।

दरअसल एक मीडिया चैनल(Media channel) से बात करते हुए कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) में या राजस्थान(Rajasthan) में सियासी हलचल के बीच जब कांग्रेस(Congress) पार्टी लगातार फ्लोर टेस्ट(Floor test) का मुद्दा उठा रही थी तो आखिर फ्लोर टेस्ट को क्यों रोका जा रहा है। वही अपने पार्टी के नेतृत्व क्षमता पर बोलते हुए कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में अपनी सरकार को बचाने के लिए क्या हम भी अन्य पार्टी के विधायकों की तरह खरीद-फरोख्त करते। कांग्रेस पार्टी को बागी विधायकों को पार्टी में रोकने के लिए क्या बोली लगानी चाहिए थी।

राम वन गमन योजना पर बोलें कमलनाथ 

वही राम वन गमन योजना पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमने सभी पार्टी के सभी सदस्यों से इस मुद्दे पर बात की थी। हालांकि पार्टी में सब की राय अलग-अलग होती है किंतु इसका यह मतलब नहीं कि यह पार्टी की फूट विचारधारा है।

क्यों नहीं कराया जाता फ्लोर टेस्ट

राजस्थान सियासत पर बोलते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जब हाईकोर्ट(High Court)- सुप्रीम कोर्ट(Supreme court) के ऑर्डर है कि फ्लोर टेस्ट करवा लिया जाए तो भी फ्लोर टेस्ट की स्थिति को राजस्थान में क्यों रोका जा रहा है। क्या यह सियासी उलटफेर का कारण नहीं हो सकता। इसके साथ ही कमलनाथ ने कहा कि जिस पटरी पर देश की राजनीति चल रही है वह भविष्य के लिए बहुत खतरनाक है।

कांग्रेस के लिए चिंता और चिंतन दोनों जरूरी

पार्टी के वैचारिक नीति पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हम अपने पार्टी के लिए चिंता भी कर रहे हैं और चिंतन भी। चिंता आज की राजनीति परिपेक्ष को लेकर वही चिंतन अपने पार्टी को वापस उस नेतृत्व में शामिल करने को लेकर किया जा रहा है। इसके साथ ही बीजेपी पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने कहा के पार्टी में लोगों की वैचारिक नीति अलग अलग होती है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि से पार्टी का फूट मान लिया जाए। क्या भारतीय जनता पार्टी में सुषमा स्वराज(Sushma Swaraj) और अमित शाह(Amit Shah) की सोच एक थी। क्या बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की यह सोच थी कि आडवाणी(Advani) और जोशी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए। कमलनाथ ने कहा कि पार्टी में मतभेद होते हैं किंतु अगर कोई सौदा के लिए पार्टी से बाहर चला जाए तो इस पर क्या पार्टी नेतृत्व जिम्मेदार हो सकती है।

बता दे कि मध्यप्रदेश में मार्च महीने में आई सियासी तूफान के बाद कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। जिसका कारण था पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) सहित कांग्रेस के 22 विधायकों का अपनी पार्टी से इस्तीफा दे देना।जिसके बाद कमलनाथ के अभिमानी नीति को इसका कारण माना जा रहा था। इसी पर आज विस्तृत बात करते हुए कमलनाथ ने अपनी बात रखी। इसके साथ ही कमलनाथ ने उम्मीद जताई है कि वह जल्द ही सत्ता में वापसी करेंगे।