सिंगरौली।राघवेन्द्र सिंह गहरवार।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता सी.पी शुक्ला ने आरोप लगाया है कि सिंगरौली जिले में वन विभाग द्वारा विगत 10 वर्षों में केवल कागजों में 5 करोड़ से अधिक पौधारोपण कराए गए हैं। जिसकी जांच कराए जाने के लिए कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने अपर मुख्य सचिव वन विभाग मध्य प्रदेश शासन बल्लभ भवन भोपाल को पत्र लिखा है। और उस की प्रतिलिपि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व मध्यप्रदेश के वन मंत्री को भी भेजे हैं। शुक्ला ने कहा है कि वन विभाग सिंगरौली द्वारा 10 वर्षों में 5 करोड़ से अधिक पौधारोपण कराया गया। जिसमें वर्तमान में कितने पौधे जीवित हैं। वन विभाग को जानकारी नहीं जो संदेह के दायरे में आते हैं और डीएफओ सिंगरौली की भूमिका संदिग्ध नजर आती है।

यदि इतने पौधे सिंगरौली जिले की धरती पर लगाए गए होते तो आज चारों तरफ हरियाली होती किंतु पौधे केवल कागजो में ही लगाए गए हैं। जिसमे भारी भ्रष्टाचार किये जाने आशंका है। जिसका जांच कराए जाने उचित है। पौधारोपण के लिए डीएम फंड का भी उपयोग किया गया। जो सिंगरौली के जनता का पैसा है। जिस में धांधली कर सिंगरौली के लोगों के साथ अन्याय किया गया है। पौधारोपण के नाम पर जनता का पैसा पानी की तरह बहाया गया। जो जांच का विषय है। वन विभाग सिंगरौली द्वारा करोड़ों अरबों रुपए पौधारोपण के नाम पर खर्च किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्ष में 9 लाख पौधारोपण कराए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन जिले में कहीं किसी भी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की हरियाली नजर नहीं आती वन विभाग सिंगरौली सिर्फ कागजी कार्य कर रहा है। सिंगरौली जिले में कई कंपनियां कार्य कर रही है। जहां पर कोल माइंस,विद्युत उत्पादन करने वाले कई प्रोजेक्ट हैं। जिनमें पर्यावरण भी प्रदूषित होता और पर्यावरण को संरक्षित किए जाने के नाम पर वन विभाग द्वारा की गई। अनियमितता घोर लापरवाही है। जिसकी जांच कराया जाना आवश्यक है। वन विभाग सिंगरौली के अधिकारियों के पास पौधारोपण के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्हें यह भी पता नहीं है कि किस स्थान पर कितने पौधे लगाए गए हैं। डीएफओ महोदय को पौधारोपण के बारे में स्पष्ट करना चाहिए।