वन मंत्री ने अधिकारियों को दिए कोरोना मरीजों का विशेष खयाल रखने के निर्देश,वीडियो कॉल से पूछे हालचाल

खंडवा/सुशील विधानी

प्रदेश के वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर खंडवा जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम तथा कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि कोविड संक्रमित मरीजों के लिए बनाए गए वार्ड में केवल ड्यूटी डॉक्टर्स ही नहीं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी समय समय पर पूरी सुरक्षा के साथ जायें तथा मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लें व उनसे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनें और उन्हें हल कराये।

वन मंत्री डॉ. शाह ने बैठक में उपस्थित विधायक देवेन्द्र वर्मा व राम दांगोरे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से भी कहा वे कोरोना संक्रमित मरीजों से समय समय पर चर्चा करें और उनके हाल चाल पूछे, ताकि मरीजों का तनाव कम हो सके। वन मंत्री डॉ. शाह ने इस अवसर पर कहा कि वार्ड में भर्ती मरीजों की वीडियो कॉल के माध्यम से उनके परिवारजनों से भी दिन में कम से कम एक बार चर्चा कराई जाये, ताकि परिवारजन मरीज के स्वास्थ्य बारे में जान सकें। बैठक में कलेक्टर अनय द्विवेदी, मुख्य वनसंरक्षक एस.एस. रावत, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, जिला पंचायत के सीईओ रोशन कुमार सिंह के अलावा जिला भाजपा अध्यक्ष सेवादास पटेल, पूर्व महापौर सुभाष कोठारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद थे।

वन मंत्री डॉ. शाह ने बैठक में सुझाव दिया कि स्थानीय केबल टी.वी. पर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की परिचर्चा आयोजित कराकर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के संबंध में नागरिकों को जागरूक किया जायें। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि दुपहिया वाहनों पर केवल एक ही सवारी को अनुमति दी जायें। दूसरी सवारी के रूप में यदि वृद्धजन या महिला बैठे हो तो अनुमति दी जा सकती है। वन मंत्री डॉ. शाह ने बैठक में कहा कि वन विभाग द्वारा नागरिकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जड़ी बूटियों से निर्मित आयुर्वेदिक काढ़ा तैयार कर आयुष विभाग के माध्यम से वितरित कराया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि शासकीय बैठकों में चाय के स्थान पर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को यह काढ़ा ही वितरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कोविड केयर सेंटर व कोविड से जुड़े अन्य वार्डो में सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी मॉनिटरिंग करने के लिए कहा। वन मंत्री डॉ. शाह ने बैठक में कहा कि वे भी निकट भविष्य में पीपीई किट पहनकर कोविड पॉजिटिव वार्ड में मरीजों से मिलने जायेंगे और उनके हाल चाल पूछेंगे। उन्होंने बैठक में कहा कि कोरोना बीमारी को हल्के में न लें, सबसे गरीब व सबसे अमीर व्यक्ति भी इस बीमारी से संक्रमित हो सकता है।

कलेक्टर ने बैठक में बताया कि जिले में अब तक कुल 503 पॉजिटिव मरीज चिन्हित किए जा चुके है, इनमें से 121 एक्टिव मरीज है, कुल 363 अब तक डिस्चार्ज किए जा चुके है। अब तक कुल 19 मरीजों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो चुकी है। खण्डवा जिले में कुल 75 कन्टेन्मेंट जोन बनाए गए है। कलेक्टर ने बताया कि जिले का कोविड पॉजिविटी रेट 4.7 है तथा रिकवरी रेट 76 प्रतिशत है। पहले बडे कन्टेन्मेंट क्षेत्र बनाए जा रहे थे, जिससे नागरिकों को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए अब छोटे कन्टेन्मेंट क्षेत्र चिन्हित किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों को चिन्हित करने के लिए पेथोलॉजी लेब, प्रायवेट क्लीनिक्स व मेडिकल स्टोर्स में जाने वाले जुकाम, खांसी बुखार के मरीजों की जानकारी प्राप्त की जा रही है और उन्हें होम क्वारेंटीन किया जा रहा है। इसके अलावा इंस्टेंट मेडिकल चैकअप टीम द्वारा भी बाजार में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों को रोक रोक कर उनके तापमान व ऑक्सीजन सेचूरेंशन स्तर की मॉनिटरिंग भी नियमित रूप से की जा रही है। इन कार्यवाहियों से बहुत से कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए है, जिन्हें कोविड केयर सेंटर में भर्ती कर उनका उपचार कर उन्हें स्वस्थ्य किया गया है।