पूर्व कैबिनेट मंत्री का बड़ा दावा- शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के साथ तय होगी सरकार की विदाई

भोपाल।

मध्यप्रदेश(madhyapradesh) में उपचुनाव(by-election) से पहले प्रदेश की राजनीति(politics) और ज्यादा गरमा गई है। आए दिन सत्ता पार्टी और विपक्ष के मंत्रियों की तरफ से आ रहे बयान सियासी हलचल को तेज करने वाले हैं। वही नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी हो गया है। इसी बीच कमलनाथ सरकार(kamlanath government) के कैबिनेट मंत्री रहे लखन घनघोरिया ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर जमकर निशाना बोला है। लखन घनघोरिया ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि जिस दिन भी मंत्रिमंडल का गठन होगा। उसी दिन सरकार की विदाई तय हो जाएगी।वहीँ उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार अल्पमत की सरकार और मंत्रिमंडल के साथ अल्प समय के लिए ही है।

बुधवार को मीडिया से बात करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री लखन घनघोरिया ने कहा कि कि राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग से साफ पता चल रहा है कि बीजेपी के अंदरूनी हालात में सब कुछ सही नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक सरकार से खफा है। सरकार में बैठे लोग उनकी बात नहीं सुन रहे हैं ना उन्हें तवज्जो दे रहे हैं। ऐसे में बीजेपी के वरिष्ठ विधायकों में एक और संतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री ने यह दावा किया है कि जिस दिन भी शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल का गठन होता है। उसी दिन भाजपा के वरिष्ठ विधायकों का यह संतोष शिवराज सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनेगा। वही शिवराज सरकार पर निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार अल्पमत की सरकार और मंत्रिमंडल के साथ अल्प समय के लिए ही है। ज्यादा दिन तक यह सरकार सत्ता में नहीं रह पाएगी। वहीं प्रदेश में बढ़ रहे अपराध और अवैध माफिया खनन पर सरकार को गिरते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री घनघोरिया ने कहा कि शिवराज सरकार में अपराध बेहिसाब बढ़े हैं। सरकार अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। वही बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री लखन घनघोरिया ने कहा कि होशंगाबाद के शिवा कंस्ट्रक्शन में किसकी हिस्सेदारी है यह सभी को पता है।

बता दें कि कमलनाथ सरकार को सत्ता से हटाकर मध्य प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई शिवराज सरकार को अब सत्ता संभाले 4 महीने का वक्त बीत चुका है। इस बीच देश में कोरोना संकटकाल की वजह से मंत्रिमंडल विस्तार अधर में लटक गया। जिसके बाद शिवराज सरकार ने कुछ मंत्रियों को शपथ दिलाकर मंत्रिमंडल विस्तार किया था। इसके बाद से लगातार मंत्रिमंडल विस्तार की खबरें सामने आ रही है लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हो पा रहा है। वहीं दूसरी तरफ राज्यसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से हुई क्रॉस वोटिंग कांग्रेस के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गई हैं। जबकि कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए बागी विधायकों का इंतजार भी लंबा हो गया है। इसी बीच मारा जा रहा है कि सरासर का जल्द से जल्द मंत्रिमंडल का गठन कर सकती है। देखना दिलचस्प है कि शिवराज कैबिनेट में किन्हें मंत्री पद की जगह दी जाती है।