नर्मदा हादसा: एक साथ उठी चारों भाई-बहनों की अर्थी, हर आंख से छलक पड़े आंसू

होशंगाबाद।
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के होशंगाबाद (Hoshangabad) जिले में मंगलवार दोपहर को बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया । यहां गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) पर नर्मदा नदी (Narmada) में स्नान करने पहुंचे एक ही परिवार के 5 बच्चों डूब गए, जिसमें से चार की मौत हो गई और एक को बचा लिया गया। इसमें से तीन बच्चों का आज बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया, जबकि चौथी बच्ची को दफन किया गया।

दरअसल, सोमवार को गंगा दशहरा होने के चलते स्नान के लिए विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। लोग स्नान करने के बाद दान-दक्षिणा वहां करते हैं। सेठानी घाट बंद होने के कारण रायपुर के चंद्रौल परिवार के सदस्य भी बांद्राभान फोरलेन के पास नर्मदा नदी में स्नान करने पहुंच गए। इसी दौरान हादसा हो गया।निर्मेश का हाथ पकड़े सिद्धी और आदि नर्मदा में सबसे पहले उतरे। पीछे-पीछे वैशाली और आयुष भी चल रहे थे। सभी लोगों ने एक दूसरे का हाथ पकड़कर नर्मदा में डुबकी लगानी शुरू कर दी। तभी आयुष का पैर चोर रेत में आने से संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में चला गया। हाथ छूटते ही सिद्धी और आदि भी गहरे पानी में गिर गए। उन्हें पकड़ने के लिए वैशाली और निर्मेश ने कोशिश की तो वे भी गहरे पानी डूब गए। चीख पुकार को सुन वहां खड़े गांव के ही अमन गौर ने बचाने की कोशिश की जैसे-तैसे वैशाली को बाहर निकाल लिया और ऊपर रेत तक ले आया, लेकि न जब तक वह वापस पहुंचा सिद्धी, आदि, आयुष और निर्मेश नहीं दिख रहे थे। चारों के शव करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद होमगार्ड और एसडीआरएफ के जवानों ने निकाला।

इसके बाद आज बुधवार को तीन का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि चौथी बच्ची को दफन किया गया।हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।हैरानी की बात तो ये है कि लॉकडाउन (Lockdown) के कारण अभी नर्मदा में स्नान करने पर प्रतिबंध है, बावजूद इसके ये चारों वहां स्नान के लिए गए थे।