भांजी ने रोकी मामा शिवराज की गाड़ी, सिक्युरिटी के हाथ पांव फूले, ये है पूरा मामला

गाड़ी रुकते ही सीएम शिवराज ने लड़की को पास बुलाया और गाड़ी रोकने का कारण पूछा, लड़की ने बताया कि उसकी माँ को कैंसर है और डॉक्टरों का कहना है कि यहाँ इलाज संभव नहीं है मेरी मदद कीजिये

Gwalior girl-stopped-cm

ग्वालियर, अतुल सक्सेना| राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्म शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम में शामिल होने आये मुख्य शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की गाड़ी के सामने सोमवार को अचानक एक लड़की आ गई। अचानक आई लड़की को देखकर मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे अफसरों के हाथ पांव फूल गए। मुख्यमंत्री ने लड़की को पास बुलाया और उससे कारण पूछा। लड़की ने जब बताया कि उसकी माँ को कैंसर (Cancer) है और इलाज की जरूरत है मामला जानने के बाद मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने इलाज के लिये भरोसा दिया और जिला प्रशासन को मदद के निर्देश दिये।

चेतकपुरी के सामने बंधन गार्डन में सोमवार को राजमाता सिंधिया की जन्म शताब्दी वर्ष के समापन पर भाजपा ने कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमें शामिल होने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आये थे। वे कार्यक्रम समापन के बाद जब सड़क पर पहुंचे तभी अचानक एक लड़की उनकी गाड़ी के सामने आ गई और उसने गाड़ी रोक दी। अचानक हुई इस घटना से सीएम की सुरक्षा में लगे अफसरों के हाथ पांव फूल गए ।

गाड़ी रुकते ही सीएम शिवराज ने लड़की को पास बुलाया और गाड़ी रोकने का कारण पूछा। लड़की ने बताया कि उसकी माँ को कैंसर है और डॉक्टरों का कहना है कि यहाँ इलाज संभव नहीं है मेरी मदद कीजिये। मुख्यमंत्री ने लड़की के पास मौजूद उसकी माँ के पेपर देखे और इलाज के लिए मदद का भरोसा दिया और लड़की का मोबाइल नंबर भी लिया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को लड़की की मदद के निर्देश दिये और वहाँ से निकल गए।

मीडिया ने जब लड़की से बात की तो उसने बताया कि उसका नाम नीतू माहौर है। उसकी माँ को कैंसर है। पहले बिरला अस्पताल में इलाज चला उसके बाद जयारोग्य अस्पताल की माधव डिस्पेंसरी में दिखलाया तो यहाँ डॉक्टर्स का कहना है कि फोर्थ स्टेज का कैंसर है यहाँ इलाज संभव नहीं है। मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने आने के सवाल पर लड़की ने कहा कि मैं और क्या करती, मुझे मालूम चला कि मुख्यमंत्री यहाँ आये हैं तो मुझे मिलने का यही तरीका ठीक लगा। नीतू ने बताया कि मुख्यमंत्री के कहने पर मेरी माँ के पेपर्स किसी अधिकारी ने ले लिये हैं अब किसने लिए है वो नहीं जानती। वो तो मदद का इंतजार कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here