सरकार ने मानी शर्त, फिर भी नहीं हो रहा बसों का परिचालन, यात्री परेशान

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जबलपुर, संदीप कुमार। कोरोना के चलते मार्च में पूरे देश में लॉक डाउन लगाया गया था. तब जो जहां था वहीं ठहर गया, इसके बाद करीब 5 महीने बाद सरकार ने अनलॉक किया, तो जनजीवन पूरी तरह से सामान्य हुआ. सामान्य जनजीवन के बीच परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों की मांग पर अगस्त महीने तक का टैक्स जो कि करीब 40 करोड़ रुपए था, उसे माफ कर दिया. बावजूद इसके जब वाहन मालिकों ने बस स्टैंड से अपनी बसें नहीं चलाईं तो यात्री परेशान होने लगे. आज भी जबलपुर से महज कुछ रूटों पर ही बसें चलाई जा रही हैं।

सभी रूटों पर नहीं चल रही हैं बसें

लगातार यात्रियों के लिए आवागमन की समस्या को देखते हुए जब अंतरराजीय बस स्टैंड जबलपुर में जाकर यात्रियों से बात की तो वाकई में हकीकत सामने आ गई, ज्यादातर यात्रियों ने बताया कि सभी रूटों पर अभी बसें नहीं चलाई जा रही हैं, इसके चलते उन्हें परेशान होना पड़ रहा है. डिंडोरी से आए मांगीलाल बताते हैं कि उन्हें काम के सिलसिले में नासिक जाना है, लेकिन जबलपुर आईएसबीटी बस स्टैंड से कोई भी बस नहीं चल रही है, लिहाजा वह अब नासिक नहीं जा पाएंगे. इसी तरह से अन्य यतरी भी बताते हैं कि उन्हें भी यात्रा के लिए बस नहीं मिल रही है.

बस ऑपरेटर्स की सरकार ने मानी मांगे, फिर नहीं दौड़ रही हैं बसें

बस ऑपरेटर्स के बकाया 40 करोड़ रुपए का टैक्स आखिरकार सरकार ने माफ कर दिया. इतना ही नहीं सितंबर के टैक्स में 50 फीसदी की छूट भी दी गई, इसके बावजूद बस ऑपरेटर्स अधिक संख्या में बसों का संचालन नहीं कर रहे हैं. जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रदेश के सभी बस ऑपरेटर्स लॉक डाउन अवधि का टैक्स माफ करने की मांग शासन से कर रहे थे, इसके बाद ऑपरेटर्स ने अप्रैल से अगस्त के टैक्स में छूट चाही, जिस पर सरकार ने ध्यान भी दिया, बावजूद इसके बस संचालक सभी रूटों पर बसों का संचालन नहीं कर पा रहे हैं.बस ऑपरेटर्स का कहना है कि अभी पर्याप्त संख्या में यात्री बसों में सफर नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते बसों को चलाने में खासा नुकसान हो रहा है. बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बताते हैं कि अभी हर रूटों पर बस पर्याप्त मात्रा में चलाना संभव नहीं है. इसकी वजह यह है कि कोरोना के डर से यात्री अपने घर पर ही हैं और बसों में कम ही सफर कर रहे हैं. 70 सीटों की बसों में महज अभी 20 से 25 यात्री सफर कर रहे हैं, जिसके चलते डीजल तक का पैसा नहीं निकल पा रहा है।

बसों के कम संचालित होने को लेकर जब जबलपुर आरटीओ संतोष पाल से बात की तो उनका कहना था कि निश्चित रूप से सरकार ने बस मालिकों की मांगों को माना और उनका टैक्स माफ किया. बावजूद इसके, सभी रूटों पर बसें अब भी नहीं चलाई जा रही हैं. जबलपुर आरटीओ का कहना है कि अभी कोरोना वायरस से यात्री घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, जिसके चलते बसों में कम सवारियां आ रही हैं. यही कारण है कि अभी बस मालिक सभी रूटों पर बसों को संचालित नहीं कर रहे हैं. हालांकि उन्हें समय-समय पर निर्देश भी दिया जा रहा है।

बसों के संचालन की स्थिति

जबलपुर से करीब 800 बसों का होता है संचालन

जबलपुर से मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के लिए संचालित होती हैं बसें

वर्तमान में यह है स्थिति

मध्य प्रदेश के कुछ जिलों के लिए चल रही हैं अभी बसें
अंतरराज्य शहरों के लिए कम संचालित हो रही हैं बसें

वर्तमान में महज 25 बसें ही हो रही हैं संचालित

वर्तमान में इन रूटों पर चल रहीं इतनी बसें

रूट बसों की संख्या
जबलपुर से डिंडोरी 1
जबलपुर से अमरकंटक 1
जबलपुर से बघराजी 1
जबलपुर से मंडला 2
जबलपुर से दमोह 3
जबलपुर से सागर 3
जबलपुर से छतरपुर 2
जबलपुर से इंदौर 4
चरगवां से गोटेगांव 2