मध्य प्रदेश : सरकार का दावा, प्रदेश में नहीं होगी बिजली की कोई समस्या

प्रदेश के चारों विद्युत केंद्रों (बिरसिंहपुर, खंडवा, सारनी, चचाई) में तीन लाख टन कोयले का भंडार है, जबकि प्रतिदिन कोयले की खपत 60 टन है। यह जानकारी ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दी। शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में बैठक आयोजित की गई थी।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। देश में बिजली की समस्या को लेकर चल रही अटकलों के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में बिजली की कोई समस्या नहीं है। ऊर्जा विभाग के मुताबिक राज्य में कोयले की आपूर्ति में लगातार सुधार हो रहा है। प्रदेश के चारों विद्युत केंद्रों (बिरसिंहपुर, खंडवा, सारनी, चचाई) में तीन लाख टन कोयले का भंडार है, जबकि प्रतिदिन कोयले की खपत 60 टन है। यह जानकारी ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दी। शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में बैठक आयोजित की गई थी।

बैठक में बताया गया कि मई के दूसरे सप्ताह में रेलवे और आरसीआर के माध्यम से 109 रेक कोयला उपलब्ध कराया गया है। 22 अप्रैल 2022 को बिजली की अधिकतम मांग 12 हजार 680 मेगावाट रही है, जो अप्रैल 2021 की तुलना में 14.7 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह 1 मई 2022 को 12 हजार 531 मेगावाट थी, जो मई 2021 की तुलना में 25.3 प्रतिशत अधिक थी।

मई 2021 की तुलना में मई 2022 में बिजली की औसत मांग भी 24 प्रतिशत अधिक रही है। अधिकारियों ने कहा कि बिजली की मांग को पूरा करने के लिए ग्रिड से अधिक निकासी की जाती है। सोलर की उपलब्धता के हिसाब से डिमांड शिफ्ट हुई। 1 मई से 13 मई तक विभिन्न सौर ऊर्जा इकाइयों और एनटीपीसी सिपेट से 1057 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

इसके अलावा बैठक में बताया गया कि एक से 13 मई 2022 को दैनिक मांग 34 हजार 199 मेगावाट रही है। इस अवधि में पिछले साल 27 हजार 561 मेगावाट मांग थी। यानी 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे ही अप्रैल 21 में 68 हजार पांच मेगावाट की तुलना में अप्रैल 22 में 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 78 हजार 581 मेगावाट दैनिक मांग रही है।