सिंधिया समर्थक की आपत्ति के बाद BJP ने किया टेंडर निरस्त, कांग्रेस बोली-गिरेबां में झांकें

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ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

कमलनाथ सरकार में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री रहीं इमरती देवी ने स्मार्ट फोन खरीदी टेंडर में भृष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनकी आपत्ति के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार ने 75 हजार स्मार्ट फोन खरीदी टेंडर को निरस्त कर दिया है। जिसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फोन दिये जाने का मामला अधर में लटक गया है। उधर कांग्रेस ने इमरती देवी पर पलटवार करते हुए उन्हें अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दी है।

राजनीति के खेल भी निराले होते हैं जब तक एक साथ होते हैं तो पार्टी और उसके नेता से बढ़कर कुछ भी नहीं होता और जब पार्टी बदल जाती है तो जो पार्टी छोड़कर आते हैं उसमें और उसके नेताओं में सिर्फ बुराई ही नजर आती है। ताजा मामला स्मार्ट फ़ोन खरीदी टेंडर से जुड़ा है। कांग्रेस सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रहीं सिंधिया समर्थक इमरती देवी के सुझाव पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्ट फोन खरीद कर बाँटने की योजना को मंजूरी दी थी। लेकिन सरकार बदलने के बाद ये मामला खटाई में पड़ गया है। इतना ही नहीं इमरती देवी की आपत्ति के बाद स्मार्ट फोन खरीदी के टेंडर को शिवराज सरकार ने निरस्त कर दिया है।

पूर्व मंत्री इमरती देवी के मुताबिक दूर दराज गाँव में सेवा देने वाली आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए 75 हजार स्मार्ट फोन खरीदने की योजना थी। विभाग ने इसपर कार्रवाई शुरू की तो सरकार ने प्रतिबंधित कंपनी एन एस इंफ्रा को इसका टेंडर देना मंजूर किया और ये टेंडर आनन फानन में मुख्यमंत्री के इस्तीफे के एक दिन पहले 22 मार्च को जारी कर दिया। इमरती देवी ने कहा कि जब खरीदी की बात की जा रही थी इस कंपनी के घटिया स्मार्ट फोन पर मैंने आपत्ति की थी मुख्यमंत्री कमलनाथ और विभाग के अधिकारियों को टेंडर नहीं करने के लिए पत्र भी लिखा था लेकिन मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सांठगांठ कर 7950- रुपये की दर से महंगे मोबाइल का टेंडर दे दिया। जबकि इससे कम कीमत पर अच्छी क्वालिटी का अपग्रेड वर्जन मोबाइल बाजार में मौजूद है। इमरती देवी ने फोन खरीदी टेंडर में बड़े भृष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कमलनाथ जी ने हर मामले में मनमानी की। अब जब भाजपा की सरकार बनी तो मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को जानकारी दी जिसके बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया है। बहरहाल फोन घटिया थे या भृष्टाचार हुआ ये जांच का विषय है लेकिन टेंडर निरस्त होने से अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं को फोन कब मिलेंगे कहना मुश्किल है।

कांग्रेस का पलटवार, पहले अपने गिरेबान में झांके

उधर इमरती देवी के भृष्टाचार के आरोप पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए पलटवार किया है। शहर जिला कांग्रेस प्रवक्ता धर्मेंद्र शर्मा ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि इमरती देवी अनर्गल आरोप लगा रहीं हैं वे खुद भृष्टाचार में डूबी हुई हैं सब जानते हैं कि कांग्रेस सरकार में रहते हुए कैसे उनका और दूसरे सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री का क्रेशर और रेत खदानों को लेकर विवाद हुआ था और वे सिंधिया के सामने धरने पर बैठी थी फिर जब सिंधिया ने दोनों समर्थक तत्कालीन मंत्रियों को समझौता कर चुपचाप रहने के लिए कहा था तब मामला निपटा था। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सवा साल तक इन लोगों ने अपनी विधानसभा का अपनी बपौती समझ रखा था। इन्होंने उस जनता का अपमान किया जिसने कांग्रेस के टिकट पर उन्हें जिताया इतना ही नहीं माँ समान पार्टी को धोखा दिया । ईमानदारी की बातें इन्हें शोभा नहीं देतीं ये अपने गिरेबान में झांके। उन्होंने कहा कि जनता ही चुनाव में इन्हें जवाब देगी।

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