डॉक्टर के अपने ही घर में जाने पर महिलाओं का हंगामा, खाली करने की धमकी, बुलानी पड़ी पुलिस

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

कोरोना की लड़ाई में पुलिस और प्रशासन के अलावा डॉक्टर फ्रंट फुट पर हैं। इन्हें कोरोना वारियर्स कहकर सम्मानित किया जा रहा है । रविवार को देश की सेनाओं ने इनपर पुष्प वर्षा कर इनके जज्बे को सलाम किया था लेकिन आज शहर में एक ऐसी घटना हुई जिसने समाज के उस दूसरे चेहरे को उजागर किया जिनकी नजर में कोरोना वारियर्स की कोई वेल्यू नहीं है।

शहर की पॉश कॉलोनी हरिशंकरपुरम में पढ़े लिखे उच्च वर्ग के लोग रहते हैं लेकिन इसी सभ्य समाज के कुछ लोगों द्वारा आज एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने इनकी स्वार्थी सोच को उजागर किया है । दरअसल कॉलोनी के साहिल अपार्टमेंट के एक फ्लैट में किराये से रहने वाले डॉक्टर रवि गुप्ता को मल्टी की महिलाओं ने फ्लैट खाली करने की चेतावनी दे दी और उन्हें घर में जाने से रोक दिया। महिलाओं का हंगामा बढ़ता देख डॉक्टर ने पत्नी को नीचे बुलाया । मामला कॉलोनी में रहने वाले मीडियाकर्मियों तक पहुंचा जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

डॉ रवि गुप्ता ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ को बताया कि वे कोरोना की रैपिड रिस्पोंस टीम में हैं। आज सुबह जब वे फ्लैट से नीचे उतरे तो कुछ आंटियां उनसे अभद्रता करने लगीं और तत्काल फ्लैट खाली करने के लिए कहने लगीं। आंटियों का कहना था कि आप कोरोना में ड्यूटी कर रहे हैं इससे हमें खतरा है। उनके हावी होने पर मैंने पत्नी को नीचे बुलाया। लेकिन आंटियां चिल्लाती रहीं। मैंने उन्हें समझाया कि मेरा मरीजों से सीधा संपर्क नहीं है मैं रैपिड रिस्पोंस टीम में हूँ और केवल स्क्रीनिंग करता हूँ। लेकिन वे नहीं मानी। थोड़ी देर में आसपास के लोग आ गए। मकान मालिक आ गए सभी ने कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आंटियां अपनी बात पर अड़ी रहीं। जिससे डॉ और उसकी पत्नी डर गए। उन्होंने अपने भाई को बुला लिया। कॉलोनी में रहने वाले मीडिया कर्मियों ने घटना की सूचना एसपी को दी। जिसके बाद झांसी रोड थाने के टी आई रमेश शाक्य स्टाफ के साथ आ गए उन्होंने तहसीलदार शिवानी पांडे को मौके पर बुला लिया। पुलिस ने डॉक्टर से शिकायती आवेदन लिया और तहसीलदार ने भरोसा दिलाया कि आपको यहाँ से कोई नहीं हटा सकता। उधर इसी दौरान मल्टी में रहने वाला एक युवक दीप जैन टी आई और तहसीलदार की मौजूदगी में डॉक्टर से अभद्रता करने लगा जब टीआई ने रोका तो वो उनसे भी ऊँची आवाज में बात करने लगा जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।

कॉलोनीवासियों ने डॉक्टर सहित सभी का किया सम्मान

मल्टी की कुछ महिलाओं के गलत व्यवहार से डॉ रवि गुप्ता और उनकी पत्नी बहुत डर गए उनका कहना था कि इस तरह का व्यवहार यदि समाज करेगा तो डॉक्टर कैसे किसी का इलाज करेगा। करीब दो घंटे के घटनाक्रम के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया। इस बीच कॉलोनी के ही कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डॉ रवि गुप्ता, तहसीलदार शिवानी पांडे, टी आई रमेश शाक्य का माला पहनाकर सम्मान किया साथ ही डॉ गुप्ता के साथ संकट में भी खड़े रहे उनके मकान मालिक सप्रा जी को भी सभी ने पुष्पहार पहनाए। बहरहाल मीडियाकर्मियों, पुलिस और प्रशासन की मदद से ये मामला शांत हो गया लेकिन इसने ये सोचने पर जरूर मजबूर कर दिया कि समाज का एक वर्ग ऐसा है जो कोरोना वारियर्स पर पुष्प वर्षा कर उनका हौसला बढ़ाना चाहता है वहीं एक वर्ग ऐसा भी है जो इनको मुश्किल की घड़ी में मदद करने की बजाय केवल खुद की फिक्र करता है और अपने घर को सुरक्षित रखने के लिए इनको बेघर करना चाहता हैं ।