छात्रों के पास अंतिम मौका, उच्च शिक्षा विभाग ने फिर शुरू की प्रवेश प्रक्रिया

उच्च शिक्षा विभाग(Higher Education Department) के अनुसार बुधवार को कॉलेज और उनके पाठ्यक्रम सहित सीट की बढ़ोतरी की पोर्टल विभाग पर अपडेट कर दी जाएगी। जिसमें गुरुवार शाम तक यह जानकारी पोर्टल पर दिखने भी लगेगी।

कॉलेज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh)के उच्च शिक्षा विभाग(Higher Education Department) ने यूजी(UG) और पीजी(PG)  छात्रों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। यूजी(UG) और पीजी(PG) कक्षा में प्रवेश के लिए एक बार पुनः प्रवेश प्रक्रिया(admission process) शुरू की जा रही है। यह प्रक्रिया 9 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगी।

दरअसल विभाग की माने तो अब भी कई ऐसे विद्यार्थी हैं जो कॉलेजों(Colleges) में प्रवेश लेने से वंचित हुए हैं। वहीं ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत भी सफल हुए विद्यार्थी कॉलेजों के प्रवेश से वंचित रहे हैं। जिसको देखते हुए विभाग ने विद्यार्थियों को अंतिम अवसर देने का प्रयास किया है। उच्च शिक्षा विभाग(Higher Education Department) के अनुसार बुधवार को कॉलेज और उनके पाठ्यक्रम सहित सीट की बढ़ोतरी की पोर्टल विभाग पर अपडेट कर दी जाएगी। जिसमें गुरुवार शाम तक यह जानकारी पोर्टल पर दिखने भी लगेगी।

उच्च शिक्षा विभाग(Higher Education Department) के ओएसडी(OSD) धीरेंद्र शुक्ला का कहना है की यूजी के तीसरे दौर की कॉलेज स्तर(Counseling) 9 अक्टूबर से शुरू होगी। 19 अक्टूबर तक कॉलेज का आवंटन कर दिया जाएगा। जिसके साथ विद्यार्थी 26 अक्टूबर तक फीस जमा कर प्रवेश ले सकेंगे। वहीं पीजी में प्रवेश के लिए 14 अक्टूबर से काउंसलिंग शुरू होगी और 24 अक्टूबर को कॉलेज का आवंटन कर दिया जाएगा। 29 अक्टूबर तक पीजी के छात्र कॉलेज में प्रवेश ले सकेंगे।

विभाग का कहना है कि कॉलेज की मौजूदा सीटों में 15% का इजाफा भी किया गया है। जिसे जिन विद्यार्थियों को प्रवेश लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा था। अब उन्हें भी प्रवेश मिलेगा। वहीं 15 फीसदी सीटों के इजाफ़ा के साथ ही अब 30 फ़ीसदी तक सीट पर प्रवेश का अधिकार कॉलेज प्रिंसिपल के पास रहेगा। इससे ज्यादा सीट बढ़ाने के लिए उन्हें उच्च शिक्षा आयुक्त की अनुमति लेनी पड़ेगी।

बता दें कि 12वीं में असफल हुए छात्रों के लिए ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत पुनः एक बार परीक्षाएं आयोजित की गई थी। जिनमें सफल हुए विद्यार्थी भी कॉलेज में प्रवेश पाने से वंचित रह गए थे। वहीं विभाग की मानें तो अब तक कुल ऐसे एक लाख विद्यार्थी हैं। जो यूजी एवं पीजी संस्थान में प्रवेश लेने से वंचित रहे हैं। जिन को देखते हुए विभाग ने यह अंतिम निर्णय लिया है।

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