उच्च शिक्षा विभाग में जल्द निकलेगी भर्तियां, बंद होंगे गली-मोहल्ले के कॉलेज

मंत्री यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में खाली पड़े पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए कैबिनेट का निर्णय पहले ही हो चुका है। इसी तरह 550 असिस्टेंट प्रोफेसरों को पदोन्न्त किया जाएगा

उच्च शिक्षा मंत्री

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) में खाली पड़े पदों को जल्द भरा जाएगा| जल्द ही प्रोफेसर्स (Professors) के एक हजार पदों पर भर्ती होगी, जबकि शेष पद पदोन्नति कर भरे जाएंगे। उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव (Minister Mohan Yadav) ने गुरूवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की|

मंत्री यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में खाली पड़े पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए कैबिनेट का निर्णय पहले ही हो चुका है। इसी तरह 550 असिस्टेंट प्रोफेसरों को पदोन्न्त किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 550 सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नत कर सह प्राध्यापक बनाया जाएगा| प्राध्यापकों की पेंशन का सरलीकरण किया जाएगा। साथ ही, जनभागीदारी समिति का भी गठन किया जायेगा|

एडमिशन का फिर मिलेगा मौक़ा
लम्बे समय से बंद कॉलेजों को फिर शुरू करने की तैयारी है| मंत्री यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों की यूजी और पीजी कक्षाओं में प्रवेश के लिए एक दौर की प्रक्रिया और आयोजित की जाएगी। यह ऑनलाइन प्रवेश का पांचवा चरण होगा। फिलहाल यूजी प्रथम वर्ष की कक्षाओं में करीब एक लाख 38 हजार सीटें खाली रह गई हैं। जबकि पीजी प्रथम सेमेस्टर की कक्षाओं में 90 हजार सीटें खाली रह गई हैं। इस चरण में नवीन पंजीयन भी होंगे। उच्च शिक्षा मंत्री मंत्री यादव ने कहा कि कोरोना काल में कॉलेजों में ठीक समय में परीक्षा हो, इसके लिए रणनीति बनाई गई है। कॉलेज संचालित करने के दौरान कोरोना से बचने के लिए जारी की गई सरकार की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।

गली-मोहल्ले के कालेजों पर लगेगा ताला
गली-मोहल्ले में खोले जा रहे कॉलेज पर लगाम लगाई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा के स्तर को बेहतर करने और छात्रों को सुविधाएं बढ़ाने पर है। मंत्री यादव ने कहा है कि प्रदेश में कुछ दिनों में कॉलेजों की बाढ़ जैसी आ गई है। इनमें न तो खेल का मैदान है और न जरूरी इन्फ्रास्टक्चर। ऐसे कॉलेजों की समीक्षा की जाएगी। जो कॉलेज मानकों पर खरे नहीं पाए जाएंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा